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अलविदा 2024: बरेली में 'खाकी' के गुडवर्क पर लगता रहा भ्रष्टाचार का दाग, दीवार फांदकर भागा था इंस्पेक्टर

Tue, 31 Dec 2024 10:59 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में पुलिस ने साल 2024 में अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की, लेकिन उनका महकमा भी भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों से घिरा रहा।
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आरोपी इंस्पेक्टर रामसेवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में अनुशासनहीन पुलिसवाले विभाग की किरकिरी कराते रहे। पूरे साल महकमे में रिश्वतखोरी के मामले सामने आते रहे। हत्या और लूट जैसे अपराधों में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। वर्दीवालों के रंगदारी मांगने के मामले भी सामने आए। ऐसे पुलिसवालों पर एसएसपी ने कार्रवाई की। कई जेल भी भेजे गए। एंटी करप्शन टीम ने भी रिश्वतखोरी के मामलों में तत्परता से कार्रवाई की।

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युवक की आत्महत्या के मामले में दरोगा पर रिपोर्ट
जनवरी में शाही थाना क्षेत्र के युवक ने फतेहगंज पश्चिमी में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी। युवक के पिता ने आरोप लगाया कि एक दरोगा उनके बेटे को लड़की ले जाने के मामले में फंसाने की धमकी दे रहा था, इसलिए उसने आत्महत्या कर ली। एसएसपी ने दरोगा के खिलाफ फतेहगंज पश्चिमी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

जिला कमांडेंट के इशारे पर होमगार्ड ने ली रिश्वत
फरवरी में परेड बहाली के नाम पर आंवला के होमगार्ड से रिश्वत मांगी गई थी। एंटी करप्शन टीम ने जिला कमांडेंट के हमराह होमगार्ड को रिश्वत लेते पकड़ा तो उसने बताया था कि जिला कमांडेंट के कहने पर वह रुपये ले रहा था। स्कूटी से एक लाख रुपये भी बरामद किए गए। आरोपी को जेल भेजकर जिला कमांडेंट को भी आरोपी बनाया गया। 

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दुकान संचालक से रंगदारी मांगने में तीन सिपाही नपे
मार्च में पुलिस लाइन के तीन सिपाहियों ने सुभाषनगर क्षेत्र में शराब की दुकान पर हंगामा किया था। दुकान संचालक को पीटकर उससे रंगदारी मांगी थी। नशे में धुत्त तीनों सिपाहियों को एसएसपी ने निलंबित कर दिया था। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठाई थी।

होमगार्ड ने किराया मांगने पर पीटा, वीडियो वायरल
अप्रैल में एक होमगार्ड ने टेंपो चालक की पिटाई कर दी थी। होमगार्ड को सिटी स्टेशन पर छोड़ने के बाद टेंपो चालक ने किराया मांगा तो वह वर्दी का रौब दिखाने लगा। घटना का वीडियो भी वायरल हो गया था। अप्रैल में ही फतेहगंज पूर्वी के एक इंस्पेक्टर पर भी मारपीट के आरोप लगे थे।

हत्या और लूट में लापरवाही पर कार्रवाई
मई में शाही क्षेत्र में एक महिला की हत्या कर लूट की घटना हुई थी। एसएसपी ने इंस्पेक्टर और दुनका चौकी प्रभारी को लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया था। हालांकि, बाद में महिला की हत्या में उसके पति का ही हाथ निकला था।

दस हजार लेते चौकी प्रभारी गिरफ्तार
जून में बंजरिया चौकी प्रभारी मुकदमा खत्म करने के नाम पर दस हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ। जून में ही सीबीगंज के एक दरोगा पर कार्रवाई के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा। रिकाॅर्डिंग सुनकर एसएसपी ने दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया था। विभागीय जांच भी बैठाई थी।

करगैना चौकी प्रभारी रिश्वतखोरी में नपे
जुलाई में करगैना चौकी प्रभारी ने मुकदमे से नाम निकालने और धाराएं कम करने के बदले एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत का आधा हिस्सा पचास हजार रुपये लेते समय एंटी करप्शन टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। चौकी प्रभारी के कमरे से लाखों रुपये बरामद हुए थे।

इंस्पेक्टर के कमरे से मिले दस लाख रुपये
अगस्त में फरीदपुर के तत्कालीन इंस्पेक्टर रामसेवक पर स्मैक तस्करों को छोड़ने के लिए सात लाख में सौदा करने का आरोप लगा। एसपी दक्षिणी ने छापा मारा तो इंस्पेक्टर थाने की दीवार फांदकर भाग गया। उसके कमरे से करीब दस लाख रुपये बरामद हुए थे। इंस्पेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।

अलीगंज के दरोगा की हुई गिरफ्तारी
नवंबर में अलीगंज थाने में दरोगा ने जानलेवा हमले के एक मामले में कार्रवाई के लिए रिश्वत मांगी थी। दरोगा को पंद्रह हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। दरोगा के खिलाफ भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाकर जेल भेज दिया गया था।

दंपती ने किया समझौता, रुपये मांगने वाला दरोगा फंसा
दिसंबर में साल बीतते-बीतते भी मीरगंज थाने का एक दरोगा भ्रष्टाचार में फंस गया। दंपती के बीच हुए मुकदमे में दोनों ने लिखित समझौता कर लिया था। इसके बाद भी दरोगा मुकदमा खत्म करने के लिए रुपये मांग रहा था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी ने दरोगा को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी थी।

अनुशासनहीनता और लापरवाही में कई नपे 
फरवरी में कचहरी परिसर से सीबीगंज और कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर फरार हो गए थे। एसएसपी ने लापरवाही में तीन पुलिसवालों को निलंबित कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसी महीने बेकरी संचालक ने किला चौकी प्रभारी और सिपाही पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी ने उनको निलंबित कर दिया था। 

जून में पीलीभीत बाइपास पर हुए गोलीकांड में एसएसपी ने इज्जतनगर थाने के इंस्पेक्टर रहे जयशंकर समेत सात पुलिस वालों को निलंबित कर दिया था। इसी महीने एसएसपी ने इज्जतनगर की बैरियर टू चौकी इंचार्ज को चोरी की रिपोर्ट दर्ज न करने पर निलंबित कर दिया था। जुलाई में एसएसपी ने बहेड़ी की चौकी मुड़िया अहमदनगर के इंचार्ज को निलंबित कर दिया था। 

एसएसपी ने आंवला थाने के प्रभारी को इंटरव्यू के दौरान झूठ बोलने पर निलंबित किया था। अगस्त में सिरौली क्षेत्र में एक घर के अंदर कुछ लोगों ने आग लगा दी थी। एसएसपी ने सिरौली के इंस्पेक्टर, एक दरोगा और सिपाही को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया था। अक्तूबर में सिरौली क्षेत्र में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर दो दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया था। 

दिसंबर में एसएसपी ने फतेहगंज पश्चिमी थाने का निरीक्षण किया तो एसओ राजेश मिश्रा अपनी पिस्टल ही नहीं खोल पाए। एसएसपी ने एसओ को निलंबित कर दिया था। एसएसपी ने पुलिस लाइन में फर्जी हाजिरी लगाकर मस्ती करने वाले पांच सिपाहियों को भी निलंबित कर दिया। एसएसपी ने खराब आचरण करने वाले दो सिपाहियों को जबरन रिटायर भी कर दिया है।
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नए साल में और तेज व पारदर्शी होगी पुलिसिंग : एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि इस साल सभी बड़े अपराधों पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। हमारा प्रयास रहा है कि संभ्रांत लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और बदमाशों के साथ कोई रियायत न बरती जाए। खराब छवि वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्ती से कार्रवाई की गई है और बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत किया गया है। नए साल में बरेली पुलिस और तेजी से अपराध नियंत्रण करने में जुटेगी। व्यवस्था पारदर्शी बनाने के लिए भी काम किया जाएगा। 
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