बरेली में नर्सिंग की छात्रा ने प्रेम प्रसंग के बाद सहपाठी से शादी की। फिर उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप है कि छात्रा और उसके परिजनों ने मुकदमा वापस लेने के लिए छात्र से सात लाख रुपये मांगे। अब आरोपी की मां ने छात्रा और उसके परिजनों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बरेली के सुभाषनगर निवासी बीएससी नर्सिंग के छात्र कुशल यादव पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली छात्रा और उसके परिजन फंस गए हैं। सौदेबाजी करने का आरोप लगाते हुए आरोपी की मां ने बिथरी चैनपुर थाने में छात्रा, उसके माता-पिता व भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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सुशीला देवी ने बिथरी थाना प्रभारी को बताया कि उनका बेटा कुशल यादव बीएससी नर्सिंग का छात्र है। वह बिथरी चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इंटर्नशिप करने गया था। वहां दूसरे कॉलेज की छात्राएं भी इंटर्नशिप करने आई थीं।
इस दौरान दूसरे समुदाय की एक छात्रा ने उनके बेटे कुशल का नंबर ले लिया और उससे बातें करने लगी। छात्रा ने कुशल को बदायूं ले जाकर अपने पिता से मिलवाया। छात्रा के पिता ने कुशल से दो लाख रुपये उधार मांगे। उसी दौरान छात्रा ने कुशल को प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद छात्रा के परिजनों ने उसका कुशल से विवाह करा दिया।
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मुकदमा वापस लेने के लिए मांगे सात लाख रुपये
विवाह के बाद छात्रा के परिजन कुशल से पांच लाख रुपये और मांगने लगे। मना करने पर उन लोगों ने बिथरी चैनपुर थाने में कुशल के खिलाफ छात्रा के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद समझौते के लिए कई जगह बुलाया और मुकदमा वापसी के नाम पर सात लाख रुपये मांगे।
सुशीला देवी ने बताया कि समझौते के दौरान ही उन्होंने ऑडियो और वीडियो साक्ष्य एकत्र कर लिया। उन्होंने साक्ष्य के साथ अधिकारियों से शिकायत की। सीओ हाईवे के आदेश पर बदायूं की शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली छात्रा, उसके पिता, मां व भाई के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विवेचना में भी बेदम साबित हुए आरोप
बिथरी इंस्पेक्टर सीपी शुक्ला ने बताया कि सुशीला देवी का मुकदमा तथ्य और साक्ष्य के आधार पर लिखा गया है। पुराने मुकदमे की विवेचना में पता चला है कि छात्रा को अगवा कर दुष्कर्म करने का आरोप सही नहीं है। दोनों के बीच प्रेम संबंध था और उन्होंने विधिवत विवाह किया है। नए मुकदमे की विवेचना में सच्चाई सामने लाई जाएगी।