दूसरे समुदाय की सहेली ने किशोरी का अपहरण करा दिया, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में खेल कर दिया। किशोरी को बालिग दिखाने के साथ ही आरोपी सहेली के खिलाफ भी रिपोर्ट नहीं दर्ज की। इसको लेकर गांव में तनाव का माहौल है।
भोजीपुरा के एक गांव में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी को सोमवार शाम करीब पांच बजे दूसरे समुदाय की सहेली घर से बुलाकर ले गई थी। परिवार वाले पूरी रात किशोरी को तलाश करते रहे। इस दौरान पता लगा कि गांव का रिजवान उनकी बेटी को बहलाकर अपने साथ ले गया है। मंगलवार को किशोरी के पिता भोजीपुरा थाने पहुंचे और आपबीती सुनाई तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में खेल कर दिया। किशोरी के पिता का कहना है कि उनकी बेटी आठवीं तक पढ़ी थी। आधार कार्ड में उसकी उम्र 16 साल कुछ महीने है, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट में उसकी उम्र 18 साल कर दी है। साथ ही उसे घर से लेकर जाने वाली सहेली को मामले में आरोपी नहीं बनाया है। वहीं, यह मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के चलते गांव में तनाव का माहौल है। किशोरी के पिता का कहना है कि इस संबंध में वह उच्च अधिकारियों से मिलकर शिकायत करेंगे और बेटी को बरामद करने की मांग करेंगे।
रिपोर्ट लिखने में हुई चूक, लेकिन पॉक्सो न लगाने पर उठ रहे सवाल
एसएसआई भोजीपुरा आलोक मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट लिखने के दौरान पीड़िता की उम्र 16 के बजाय 18 वर्ष लिख गई। वादी को इस बारे में जानकारी दे दी गई है, उसमें सुधार कर दिया जाएगा। हालांकि पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो भी नहीं लगाया है, इससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।