उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल की गाजियाबाद-रोजा रेल लाइन को 2027 के अंत तक स्वदेशी कवच प्रणाली से लैस करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। मुरादाबाद मंडल के सभी रेलखंडों में स्वदेशी कवच प्रणाली के लिए सरकार ने 2800 करोड़ रुपये का बजट दिया है। काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और हादसों पर रोक लगेगी। ट्रेनों से यात्रा ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।
तीन चरणों में होगा काम
गाजियाबाद-मुरादाबाद-बरेली-रोजा रेलखंड की लंबाई 310 किलोमीटर है। इस रेलखंड से रोजाना 200 से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन होता है। बरेली-रोजा के बीच मुख्य रेल लाइन को बरेली-चंदौसी और सीतापुर-रोजा रेल लाइन भी लिंक करती है। मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि कवच प्रणाली का काम तीन चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण में गाजियाबाद-मुरादाबाद, दूसरे चरण में मुरादाबाद-बरेली और तीसरे चरण में बरेली-रोजा में कवच सुरक्षा प्रणाली का काम किया जाएगा।
स्टेशनों को किया जा रहा अपडेट
उन्होंने बताया कि गाजियाबाद-हापुड़ रेलखंड पर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग और कवच प्रणाली का काम पूरा होने के बाद इस रेलखंड की औसत रफ्तार बढ़कर 150-160 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि मंडल में मुरादाबाद बरेली, गाजियाबाद, रोज महत्वपूर्ण स्टेशन हैं। इन स्टेशनों को अपडेट किया जा रहा है।