बरेली। कोरोना के बढ़ते मामलों की रोकथाम पर विभाग की सुस्ती भारी पड़ने की आशंका है। वर्तमान में कोरोना संक्रमित मिल रहे मरीज किस वैरिएंट की चपेट में हैं, इसका अब तक पता नहीं चल सका है। शासन से जारी गाइड लाइन में संक्रमितों की जीनोम सीक्वेंसिंग के निर्देश दिए गए हैं ताकि वैरिएंट का पता लगाकर उसकी रोकथाम के उपाय किए जा सकें।
जिले में पिछले माह से ही कोरोना संक्रमण के मामले मिलने लगे थे। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 20 मार्च को एक, 28 मार्च को तीन, 30 मार्च को दो, तीन अप्रैल को एक, पांच अप्रैल को दो, सात अप्रैल को दो, आठ को दो, 10 को चार, 11 को दो कोरोना संक्रमित मिले थे। फिलहाल 15 सक्रिय केस जिले में हैं।
माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गोयल के मुताबिक तीन साल में कोरोना ने कई बार अपना स्वरूप बदला है। भारत में कोरोना के डेल्टा, डेल्टा प्लस, ओमिक्रॉन वैरिएंट ने लोगोें को चपेट में लिया था। डेल्टा प्लस अधिक घातक रहा, जबकि ओमिक्रॉन की प्रसार क्षमता ज्यादा रही। जीनोम सीक्वेंसिंग से वायरस के स्वरूप का पता चलता है।
एच3एन2 के सैंपल की भी जीनोम सीक्वेंसिंग थमी
एच3एन2 के केस जिले में हैं या नहीं, इसका पता लगाने के लिए भी जीनोम सीक्वेंसिंग के निर्देश हैं। पिछले दो सप्ताह से जिले से जांच के लिए किसी भी संदिग्ध मरीजों का सैंपल नहीं भेजा गया है। पूर्व में पांच सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराए जाने पर तीन संदिग्ध मरीज एच3एन2 की चपेट में मिले थे। यह स्थिति तब है जब जिले में एच3एन2 के संदिग्ध लक्षण वाले तमाम मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं।
इलाज की दहलीज पर संक्रमण का इंतजामजिला अस्पताल में कोरोना की रोकथाम के इंतजाम गायब हैं। तीन सौ बेड अस्पताल समेत सीएचसी, पीएचसी और कई निजी अस्पतालों में भी मास्क और दो गज की दूरी का पालन नहीं हो रहा है। कतार में लगे एक मरीज के संक्रमित होने पर अन्य के भी चपेट में आने की आशंका है।
बरेली में अब आठ डेडिकेटेड कोविड अस्पताल
बुधवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जिले के तीन मेडिकल कॉलेज समेत आठ अस्पतालों को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में अधिसूचित किया है। इसमें एसआरएमएस को एल-3, रोहिलखंड, राजश्री मेडिकल कॉलेज और तीन सौ बेड अस्पताल को एल-2, सीएचसी बहेड़ी, मीरगंज, आंवला, शीशगढ़ को एल-1 श्रेणी में रखा गया है। कोविड मरीजों को लक्षण के आधार पर यहां भर्ती किया जाएगा।
वर्जन
जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए अब तक किसी कोरोना संक्रमित का सैंपल नहीं भेजा जा सका है। जल्द ही वर्तमान में सक्रिय केस में से किन्हीं का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और तीमारदारों से अपील है कि वे मास्क लगाएं ताकि संक्रमण से बचाव हो सके। सभी अस्पताल प्रभारियों को इस संबंध में निर्देशित किया जा चुका है। - डॉ. बलवीर सिंह, सीएमओ