सिटी डिपो में खड़ीं ई बसें - अमर उजाला
बरेली। सिटी बसों के परिचालकों ने वेतन भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर बुधवार को मोर्चा खोल दिया। उनके कार्य बहिष्कार के चलते पांच घंटे तक बसों के पहिये थमे रहे। स्वालेनगर स्थित सिटी बस डिपो पहुंचकर अधिकारियों ने उनको समझाया। चार घंटे तक चली वार्ता के बाद परिचालक काम पर लौटे। सुबह 11 बजे के बाद सिटी बसें डिपो से बाहर निकलीं।
20 मार्च से शहर में दो रूटों पर 24 ई-बसों का संचालन शुरू हुआ था। छह अप्रैल को किला पुल पर वाहनों का संचालन शुरू होने के बाद सिटी बसों के चार रूट निर्धारित किए गए। इन रूटों पर ई-बसों का संचालन बुधवार सुबह छह बजे से होना था। मंगलवार शाम परिचालकों को नया रूट चार्ट मिला तो उनमें गुस्सा पनपने लगा। बुधवार सुबह परिचालकों ने कार्य बहिष्कार कर दिया।
वे समय से वेतन भुगतान, बसों के रूट में परिवर्तन, ड्यूटी के घंटे निर्धारित करने और पहचान पत्र जारी करने की मांग कर रहे थे। सूचना पर एआरएम राजेश पाठक और सिटी बस सर्विसेज के दीपक शर्मा ने डिपो पहुंच कर उनसे बात की और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद परिचालक काम पर लौटे।
सिटी बस सेवा का दायरा बढ़ाने की मांग
सवारियां नहीं मिलने से सिटी बसें घाटे में दौड़ रही हैं। कम आमदनी होने पर परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को वार्ता के दौरान परिचालकों ने बरेली-फरीदपुर, बरेली-आंवला, बरेली-देवचरा रूटों पर सेवा शुरू करने की मांग की। उनका कहना है कि इन रूटों पर बस सेवा शुरू होने से आय भी बढ़ेगी और लोगों को बेहतर सेवा भी मिलेगी। अधिकारियों ने इस मांग पर भी उनको आश्वासन दिया है।
वर्जन
परिचालकों की कुछ मांगें थीं, जिनका निस्तारण कराया जाएगा। कुछ समय के लिए बस सेवा प्रभावित हुई। बुधवार को शहर में चारों निर्धारित रूटों पर बस सेवा शुरू कर दी गई है। -राजेश पाठक, एआरएम सिटी बस सर्विसेज