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Bareilly News: जनरेटर बंद... इन्वर्टर खराब, दवा का पर्चा बना मरीजों का पंखा

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बरेली। तीन सौ बेड अस्पताल में ओपीडी तो शुरू हो गई पर अव्यवस्था के चलते भीषण गर्मी में मरीज उबलने को विवश हैं। अमर उजाला की टीम ने अस्पताल पहुंचकर सुविधाओं की पड़ताल की तो जनरेटर बंद मिले। इन्वर्टर खराब होने से मरीजों ने दवा के पर्चे को ही पंखा बना लिया था। उसी से हवा कर वे गर्मी दूर करने का असफल प्रयास करते दिखे।
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सीएमएस कार्यालय में मौजूद नहीं थे। कुर्सियां खाली पड़ी थीं पर कक्ष में लगे दोनों एसी 18 और 20 डिग्री पर चल रहे थे। ओपीडी और दवा काउंटर पर सीलिंग फैन चल रहे थे। दोपहर 12 बजे बिजली जाने के बाद पंखे भी बंद हो गए। घंटेभर बाद बिजली आई। तब तक मरीज और तीमारदार पसीने से तरबतर होते रहे। स्टाफ ने बताया कि पंखों का इन्वर्टर से कनेक्शन नहीं है। जनरेटर है पर वह चलता नहीं है।
ओपीडी में फिजिशियन कक्ष संख्या एक के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी थी। बताया गया कि डॉक्टर करीब घंटेभर से नहीं हैं। कतार में लगे मरीज गर्मी से उबल रहे थे। उनमें से कुछ पर्चे से चेहरे पर हवा कर राहत पाने की नाकाम कोशिश कर रहे थे। कई थककर बैठ गए। ओपीडी के पास पेयजल की भी व्यवस्था नहीं थी।
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एसी नहीं चलने से पैथोलॉजी में खराब हो रहे उपकरण
अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी बायोकेमिस्ट्री एनलाइजर मशीन खराब मिली। लैब टेक्नीशियन के मुताबिक उपकरण को ठंडा रखने के लिए एसी का होना जरूरी है, पर वह खराब है। कई बार इंचार्ज को बताया पर सुनवाई नहीं हुई। इसके चलते एनलाइजर का फिल्टर और लैंप सही कार्य नहीं कर रहा है। रीडिंग गड़बड़ मिलने से मरीजों की कुछ जांचें नहीं की जा रही हैं।

पीड़िता की नहीं हुई कोविड जांच, लौटीं पुलिसकर्मी
शनिवार को कोविड जांच करने के लिए तैनात महिला स्वास्थ्यकर्मी अवकाश पर रहीं। इसके चलते कोविड जांच कराने पहुंच रहे मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। बताते हैं कि महिला पुलिसकर्मी एक पीड़ित की कोविड जांच कराने पहुंची थी। उसकी कोविड जांच नहीं हो सकी और मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया।

प्रभारी बोले- बदलेंगे इन्वर्टर की बैटरी, रखेंगे डीजल
तीन सौ बेड अस्पताल के सीएमएस डॉ. भानु प्रकाश अस्पताल में मौजूद नहीं थे। कॉल की गई पर संपर्क नहीं हो सका। प्रभारी डॉ. अकीक का कहना था कि डीजन न होने से जनरेटर नहीं चल सका। इन्वर्टर की बैटरी बदलवाने के साथ ही डीजल भी रखेंगे। पानी की व्यवस्था के लिए प्रशासनिक भवन और इमरजेंसी में आरओ लगा है। खराब हुए उपकरण ठीक कराने के लिए संबंधित टेक्नीशियन को कहा गया है।
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अस्पताल बड़ा पर सुविधाएं नहीं
अस्पताल तो बहुत बड़ा है पर सुविधाएं नहीं हैं। गर्मी से बीमार होकर इलाज को पहुंचे हैं। यहां बाहर से ज्यादा गर्मी है। - फिरासत, ठिरिया
डॉक्टर के इंतजार में बीते तीन घंटे
पेट दर्द का इलाज कराने आई थी पर डॉक्टर अब तक नहीं बैठीं। सुबह दस बजे आई थी, अब एक बजने वाले हैं। - तारा बानो, बीसलपुर
कतार में कर रहे इंतजार
सुबह दस बजे पत्नी के इलाज के लिए पहुंचा था। पर्चा बनवाकर कतार में लगे हैं पर अब तक डॉक्टर नहीं बैठीं। - जाकिर, जोगी नवादा
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