बरेली। जमीन के बंटवारे (कुर्रा निर्धारण) में रिपोर्ट लगवाने के लिए लेखपाल को 1.50 लाख रुपये नकद दिए और 20 हजार रुपये की शराब पिलाई। इसके बाद भी लेखपाल ने दूसरे पक्ष से मिलकर जालसाजी कर कुछ जमीन का बैनामा दूसरे को करा लेने का मौका दिया। ये आरोप नवाबगंज के रम्पुरा तुलसीराम गांव के अर्जुन शर्मा ने निलंबित लेखपाल वीरेंद्र प्रताप सिंह पर लगाए हैं। दावा किया कि उनके पास लेनदेन के कई ऑडियो-वीडियो हैं।
अर्जुन शर्मा के पिता राम सेवक बनाम रामकृष्ण का उप्र राजस्व संहिता-2006 की धारा-116 के तहत नवाबगंज एसडीएम न्यायिक कोर्ट में वाद चल रहा था। यह वाद 16 सितंबर 2025 को कोर्ट में दाखिल हुआ और 19 दिसंबर 2025 को निस्तारित हो गया।
निलंबित हुए लेखपाल वीरेंद्र प्रताप सिंह ने 22 नवंबर 2025 को कुर्रा रिपोर्ट मय नजरी नक्शा एसडीएम न्यायिक कोर्ट में दाखिल की थी। इसके बाद तत्कालीन पीठासीन अधिकारी निधि शुक्ला ने 19 दिसंबर को आदेश पारित किया। इस आदेश में राम सेवक, बृज मोहन मिश्रा और हरीओम शर्मा के बीच कुर्रा बंटवारा किया जाना शामिल है।
अर्जुन शर्मा ने बताया कि उनके पिता के नाम पैतृक जमीन है। पिता चार भाई हैं। इनमें एक के हिस्से की जमीन खरीदी थी। उन्होंने बताया कि जहां संबंधित जमीन है, उसी नंबर पर अंश दिलाने के बदले लेखपाल ने पैसे लिए थे। आरोपी ने जून 2025 से उनसे रुपये लेने शुरू कर दिए थे। ब्रांडेड शराब की भी मांग पूरी की है। उसके बाद भी लेखपाल ने मौका देकर उनके रिश्तेदार को जमीन का बैनामा करा दिया। संवाद