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Bareilly News: माली कर रहे अफसरों की चाकरी... पार्कों में गंदगी, फाउंटेन सूखे

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बरेली। शहर के पार्कों का हाल बेहाल है। यहां कई बेंच टूटी पड़ी हैं, फाउंटेन सूखे हैं। जिन मालियों पर साफ-सफाई व देखरेख का जिम्मा है, वह अफसरों की चाकरी में व्यस्त हैं। नियमित सफाई न होने से पार्कों में अव्यवस्थाएं हावी हैं। इस वजह से यहां आने-जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को दोपहर के समय सिविल लाइंस स्थित गोविंद बल्लभ पंत पार्क में तीन बेंच ठीक मिलीं, अन्य तीन टूटी पड़ीं थीं। पार्क में रोशनी के लिए लगे खंभों के केबल बाॅक्स खुले पड़े थे। आसपास ही बच्चे खेल रहे थे। इन बच्चों को करंट लगने का खतरा हर समय बना रहता है। पूरे पार्क में पेयजल का कोई इंतजाम नहीं मिला।
सिविल लाइंस इलाके में ही लोहिया पार्क है। यहां 10 जून 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डॉ. राममनोहर लोहिया की प्रतिमा का अनावरण किया था। इन दिनों पार्क का हाल बुरा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर हैं। एक कूड़ेदान टूटा पड़ा है। लाइट के बॉक्स यहां भी खुले पड़े हैं। पार्कों का रखरखाव दो साल से नहीं हो रहा है।
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पार्कों में गंदगी की कीमत पर चमक रहे अफसरों के बंगले
पार्षद राजेश अग्रवाल का कहना है कि ऐसे वार्डों में भी माली लगाए गए हैं, जहां पार्क नहीं हैं और जहां पार्क हैं वहां उनकी देखरेख नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्कों की देखरेख की जगह माली अफसरों के खादिम बने हुए हैं। पार्कों में गंदगी की कीमत पर अफसरों के बंगले चमक रहे हैं। पार्षद कपिलकांत ने बताया कि यह मुद्दा वह नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी उठा चुके हैं। अब तक समाधान नहीं हुआ।
67 कर्मियों पर 322 पार्कों की जिम्मेदारी
शहर में कुल 322 पार्क हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी 67 कर्मचारियों के कंधों पर है। इस तरह से एक कर्मचारी के जिम्मे तकरीबन पांच पार्क आते हैं। एक व्यक्ति के पांच पार्कों की देखरेख करना संभव नहीं है। इनमें से भी ज्यादातर कर्मचारी अपने मूल काम के लिए उपलब्ध नहीं रहते।
गंदगी की वजह से रुकना मुश्किल
एसएसपी कार्यालय से लेकर कचहरी तक के लोग गोविंद बल्लभ पंत पार्क में आते हैं। उम्मीद करते हैं कि कुछ छाया में बैठकर घर से लाया भोजन करेंगे लेकिन पार्क की अधिकतर बेंच टूटी पड़ी हैं। सफाई भी नियमित नहीं होती। - अजीत सिंह, सुभाषनगर


गोविंद बल्लभ पंत पार्क में कई बेंच टूटी पड़ीं हैं। यह स्थिति तब है जब यह पार्क, मंडलायुक्त निवास के ठीक सामने है। जब इस पार्क का यह हाल है तो अन्य इलाकों के पार्क किस हाल में होंगे? आप खुद-ब-खुद समझ सकते हैं।- राहुल सिंह, बिशारतगंज


शहर की पार्कों की स्थिति ठीक नहीं है तो उसे दिखवाएंगे। पार्कों में सफाई बनाए रखने में अगर कहीं कोई लापरवाही हो रही तो संबंधित पर कार्रवाई तय है। संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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अमर उजाला ब्यूरो
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