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Bareilly News: घरों से उठा कूड़ा, मोहल्लों में और सड़कों के किनारे लगे रहे ढेर

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हड़ताल खत्म होने के बाद तीन दिन का कूड़ा उठा रहे कर्मचारी, कई वाहन हुए ओवरलोड
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बरेली। हड़ताल खत्म होने के बाद सोमवार को डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू हो गया। कर्मचारी तीन दिन का कूड़ा उठाने में लगे रहे। कई वाहन ओवरलोड दिखे। दोपहर दो बजे तक कूड़ा ढोने वाली गाड़ियां गली-मोहल्लों में घूमती रहीं। हालांकि, मोहल्लों में और सड़कों के किनारे अब भी कूड़े के ढेर लगे हैं। लोग बदबू से परेशान हो रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति सामान्य होने में दो-तीन दिन लगेंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं व निगम कर्मियों के बीच हंगामे के बाद दो दिन शहर की सफाई व्यवस्था ठप रही। रविवार को दोपहर बाद गतिरोध टूटा तो नगर निगम के सफाई कर्मचारी सोमवार से काम पर लौटे, लेकिन शहर को पूर्ण रूप से कूड़ामुक्त नहीं किया जा सका। पुराने शहर में डोर-ट-डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों ने दोपहर दो बजे तक दो से तीन चक्कर लगाए। सुभाषनगर, डीडीपुरम, राजेंद्रनगर, जाटवपुरा में डलावघरों और सड़कों के किनारे से भी कूड़ा उठाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, दो-तीन दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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घनी आबादी वाले इलाकों में सबसे अधिक परेशानी
घनी आबादी वाले इलाकों में शुमार आजाद स्कूल रोड, श्यामगंज, सतीपुर, गंगापुर में सोमवार को घरों का कूड़ा उठाने में ही वाहन ओवरलोड रहे। ऐसे में सड़कों के किनारे से कूड़े का उठान नहीं हो सका। यहां मुख्य सड़क के किनारे भी जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बदबू की वजह से लोग परेशान हो रहे हैं। संवाद
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श्यामगंज के नाले हुए चोक
हड़ताल के दौरान सड़कों के किनारे जमा कूड़ा फैलकर नालों में चला गया। इस वजह से श्यामगंज के नाले भी चोक हो गए। नगर निगम के कर्मचारियों ने नाले को खाेलने का प्रयास किया, लेकिन उनकी पूरी तरह से सफाई नहीं हो सकी। ईसाइयों की पुलिया, मलूकपुर, गंगापुर से भी नाला चोक होने की शिकायतें आई हैं।
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