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प्रभारी मंत्री फटकार, मेयर की कार्रवाई भी नहीं आई काम, गंदगी से अभी भी बजबजा रहे नाले

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छुटती ही नहीं मुंह की लगी, कमीशन के इसी गणित ने शहर में नालों की सफाई का बुरा हाल कर रखा है। बरसोंबरस से चोक नालों को साफ करने के नाम पर हर साल लाखों खर्च हो जाते हैं लेकिन फिर भी उनमें पानी की निकासी न होने से कभी संजयनगर डूब जाता है तो कभी सिटी हार्ट कॉलोनी। इन प्रमुख इलाकों के साथ तमाम और इलाके बाढ़ जैसा संकट झेलते हैं, बरसात से पहले वादों का मौसम आता है और फिर ये वादे भी इसी बाढ़ में डूब जाते हैं। इस बार भी हालात यही सब होने की गारंटी दे रहे हैं। हाल ही में प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा नाले साफ न होने पर नाराजगी जता चुके हैं। मेयर ने इसके बाद तीन ठेकेदारों के भुगतान पर रोक लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। नगर निगम के अफसरों की तरफ से भी आदेश-निर्देश जारी करने का काम बराबर हो रहा है लेकिन नाले हैं कि फिर भी साफ होने में नहीं आ रहे हैं। बरसात से ऐन पहले नालों की हालत पर अमर उजाला की रिपोर्ट-
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अभी तीन ठेकेदारों के भुगतान पर रोक की कार्रवाई की गई थी। जल्द ही शहर में और नालों का भी निरीक्षण करूंगा। अगर यही हाल रहा तो और ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। - उमेश गौतम, मेयर
नौ सालों से नहीं कराई सफाई
तो नाले में उग आया जंगल
मेथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के बाहर नाला पूरी तरह चोक पड़ा है। इसे साफ करना भी आसान नहीं है क्योंकि पूरे नाले में बड़े-बड़े पौधे उग आए हैं। ऊपर तक इतनी ज्यादा गंदगी जमा है कि नाले का पानी तक ऊपर से नहीं दिख रहा है। साफ दिख रहा है कि नाले की कई सालों से सफाई नहीं हुई है। यहीं रहने वाली विनीता शर्मा यह कहते हुए इस बात की पुष्टि करती हैं कि उनकी जानकारी में नौ सालों से इस नाले की सफाई नहीं हुई है। बारिश में हर साल हालत खराब हो जाती है। बदबू इतनी आती है कि नाले के आसपास रुकना तक मुश्किल है। लोगों ने कई बार नगर निगम में शिकायतें कीं लेकिन फिर भी सफाई नहीं हुई। मीनू दिवाकर कहती हैं कि जरा सी बारिश में नाला बुरी तरह उफना जाता है। गंदगी की वजह से बदबू आती रहती है और बीमारियां फैलने का भी डर लगा रहता है।
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नैनीताल रोड पर तुलसी मठ
नगर निगम का अभियान सिर्फ फोटो
खींचने लायक, नाला नहीं साफ होता
यह नाला भी गंदगी से पटा हुआ है। इलाके में रहने वाले फारूख बताते हैं कि उनकी जानकारी में कई सालों से इस नाले की अच्छी तरह सफाई नहीं हुई है। नगर निगम के अभियान के दौरान सफाई कर्मियों की फौज कभी नाला साफ करने आती भी है तो सिर्फ ऊपर-ऊपर सफाई करके लौट जाती है। इससे ज्यादा सफाई कभी नहीं होती और इतनी सफाई से नाले में पानी का बहाव जरा भी तेज होता नहीं। नाले की तली में गंदगी इसी तरह पटी रहती है। हर साल बरसात में नाले में इस कदर उफान आता है कि उसकी सारी गंदगी बाहर निकलकर सड़क तक फैल जाती है। नाले के ऐन सामने शहर का प्रसिद्व मंदिर तुलसी मठ है जहां आने वाले श्रद्धालु नाले से फैली गंदगी की वजह से नगर निगम को कोसते नजर आते हैं।
कृष्णा हॉस्पिटल नैनीताल रोड
इलाके में पानी तो भरेगा ही इसलिए
खुद ही कर रहे बचाव के इंतजाम
इस नाले की सफाई न होने से हर साल बारिश में केलाबाग इलाके में बरसात का पानी भर जाता है। इस बार भी इस नाले की अब तक सफाई नहीं हुई है। यहां के लोग कई बार नाले की सफाई के लिए नगर निगम में प्रार्थना पत्र भी दे चुके हैं लेकिन अफसरों से कोई जवाब नहीं मिला। इलाके के पार्षद यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि अफसर उनकी सुनते ही नहीं। इलाके के लोगों का कहना है कि बारिश से पहले अब इस नाले की सफाई हो पाना मुश्किल ही लग रहा है। उन्होंने इस वजह से यहां जलभराव से अपने घरों के बचाव का भी इंतजाम अभी से शुरू कर दिया है।
शिव शक्ति एस्टेट प्रेमनगर
पैसा न जाने कहां फूंकते हैं, गंदे नाले
में बरसों से नजर आती हैं झाड़ियां
यहां से गुजरने वाले नाले की करीब दो साल से सफाई ही नहीं हुई है। पूरे नाले में झाड़ियां उग आई हैं। पानी का बहाव झाड़ी और गंदगी के कारण अवरूद्व हो रहा है लेकिन उसके बाद भी यहां सफाई नहीं कराई जा रही है। नाली में बेशुुमार कूड़ा होने के कारण भी पानी आगे नहीं बढ़ रहा है। बारिश में शहर में जलभराव का यह नाला भी बड़ा कारण बनेगा।
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