आंवला। वासिद की हत्या में सफाई कर्मियों को नामजद किए जाने के बाद से शुरू हुआ विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार से हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को दिन निकलने से पहले कस्बे का कूड़ा इकट्ठा करके थाने के गेट पर डालकर आवागमन बंद कर दिया।
इसके अलावा थाना गेट से पहले मोड़ पर एसबीआई की शाखा के सामने भी कूड़ा डालने के कारण दिन भर दुर्गंध से लोग परेशान रहे। हालांकि थाने के गेट के सामने पड़ा कूड़ा कोतवाल ने मजदूर लगवाकर हटवा दिया, लेकिन बैंक शाखा के पास दो जगह कूड़े के ढेर जस के तस लगे रहे। सफाईकर्मियों का कहना है कि जब तक एफआईआर से हत्या की धारा नहीं हटाई जाएगी उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
दरअसल चार सितंबर को नलकूप कॉलोनी में चोरी के आरोप में तेली मोहल्ले के वासिद को लोगों ने पकड़ लिया था। पेड़ से बांधकर पिटाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था। थाने में दोनों पक्षों के किसी भी कार्रवाई से इनकार करने पर पुलिस ने घरवालों के साथ वासिद को घर भेज दिया था। जहां कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने सात लोगों को नामजद करते हुए तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें कुछ सफाईकर्मी भी हैं लिहाजा कुछ संगठनों के साथ सफाई कर्मचारियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि पूर्व चेयरमैन ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए रंजिशन झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पूर्व सिंचाई मंत्री के साथ डीआईजी से मिला शिष्टमंडल
पूर्व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में शनिवार को सफाई कर्मचारियों का शिष्टमंडल डीआईजी से मिला। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। डीआईजी ने उन्हें निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान राष्ट्रीय बाल्मीकि क्रांति मोर्चा के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह, नगर पालिका चेयरमैन संजीव सक्सेना आदि मौजूद रहे।