बरेली। नगर निगम ने यूजर चार्ज (कूड़ा उठान शुल्क) जमा न करने वालों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। 3 बार चेतावनी के बावजूद शुल्क नहीं चुकाया गया है। अब उनकी घर-घर कूड़ा उठान सेवा पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
निगम प्रशासन ने शहर की 12 बड़ी संस्थाओं को चिह्नित किया है। इनमें सोसायटियां, बहुमंजिला फ्लैट और शिक्षण संस्थान शामिल हैं। इन सभी बकायेदारों को पहले 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने शुल्क जमा नहीं किया। नगर निगम शहर के 80 वार्डों में कूड़ा संग्रहण करा रहा है। यह कार्य दो निजी एजेंसियों के माध्यम से हो रहा है। पिछले एक वर्ष में शुल्क वसूली में वृद्धि हुई है। फिर भी कई लोग और व्यावसायिक संस्थान भुगतान नहीं कर रहे हैं।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। कचरे का शत-प्रतिशत सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना प्रतिबंधित है। यदि कोई नागरिक या संस्थान नोटिस के बाद भी शुल्क नहीं देता है, तो निगम उनके बिजली और पानी के कनेक्शन काट सकता है। उन्होंने नागरिकों से समय पर शुल्क जमाकर शहर को स्वच्छ बनाने में सहयोग की अपील की।
पुलिस लाइन के 325 भवनों से कूड़ा उठाना बंद
नगर निगम की इस सख्ती का असर कई प्रमुख रिहायशी और सरकारी परिसरों पर पड़ेगा। कार्यदायी एजेंसी के अनुसार, पुलिस लाइन के 325 भवनों से कूड़ा उठाना बंद किया जा रहा है। हरूनगला और किला क्षेत्र के निजी अपार्टमेंट भी प्रभावित होंगे। फाइक कॉलोनी के करीब 40 फीसदी लोगों के घरों से भी कूड़ा उठान बंद होगा। इसके अतिरिक्त, आधा दर्जन से अधिक शैक्षणिक संस्थानों पर भी कार्रवाई होगी।