बेहद समृद्ध लोगों के मोहल्ले कानून गोयान में झोपड़ी डालकर रह रहे गंगाराम उर्फ मुखिया की ठंड से मौत हो गई। सर्दी से बचने के लिए उनके पास गुदड़ी के अलावा कुछ नहीं था। उनकी मौत की सूचना प्रशासन को भी नहीं दी गई। आसपास के लोगों ने सहयोग कर सोमवार दोपहर उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
कस्बे के धनाढ्य लोगों के मोहल्ले कानून गोयान में रहने वाले 55 वर्षीय गंगाराम उर्फ मुखिया ने अपनी बेटी की शादी करीब छह साल पहले की थी। इसके बाद से वह पत्नी के साथ छोटी से झोपड़ी में पन्नी डालकर रह रहे थे। वह कंधे पर टोकरी रखकर उबले चने बेचते थे और उनकी पत्नी सावित्री देवी मोहल्ले में घरों में चूल्हा चौके का काम करती थी। इसी से उनका गुजारा होता था। करीब दस दिन पहले गंगाराम की ठंड लगने से तबियत खराब हो गई थी। पास में फूटी कौड़ी भी न होने पर वह पास के एक डाक्टर से उधार दवा ले रहे थे। उनके पास इस भीषण ठंड से बचने के लिए गुदड़ी के सिवा कुछ नही था। रविवार शाम गंगाराम ने अचानक दम तोड़ दिया। आसपास के लोगों ने प्रशासन को बिना सूचना दिए आपसी सहयोग से उनका अंतिम संस्कार करा दिया।
अफसोस जताकर चले गए नामचीन
गंगाराम की मौत की खबर सुनकर आसपास रहने वाले नामचीन अमीर पहुंचे, अफसोस जताया, सहयोग कर अंतिम संस्कार कराया और अपने-अपने घर चले गए। न तो किसी ने गंगाराम की मौत से पहले मदद की और न ही अब ठंड से ठिठुर रही गंगाराम की पत्नी सावित्री की। यही नहीं प्रशासन को इसकी सूचना तक नहीं दी।
गंगाराम की गुदड़ी अब सावित्री का सहारा
गंगाराम की पत्नी सावित्री दहाड़ मार कर रो रही थी। कभी वो चारपाई पर पड़ी पति की लाश को देखती तो कभी गुदड़ी से बने लिहाफ को। बाद में मोहल्ले की महिलाओं ने ठंड से बचाने के लिए वही गुदड़ी सावित्री को ओढ़ा दी और पास बैठकर उसे सांत्वना देती रहीं। गंगाराम की मौत पर अफसोस जताने वाले बहुत थे, लेकिन श्मशान से आने के बाद सब भूल गए।
वर्जन-
मुझे इस बात की जानकारी किसी ने नहीं दी। मोहल्ले के लोगों का कर्तव्य बनता है कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो उसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं। हल्का लेखपाल भी इसके लिए जवाबदेह हैं। मौत का कारण क्या रहा, इसकी जांच कराई जाएगी। वैसे बगैर जांच के ठंड से मौत नहीं कहा जा सकता। जितनी संभव होगी, मृतक की पत्नी को प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। - एमपी सिंह, एसडीएम बहेड़ी