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महिला का न गर्भपात हुआ था और न दुष्कर्म: मेडिकल जांच में पीड़िता नहीं मिली गर्भवती, चौंकाने वाली बात आई सामने

Thu, 22 Sep 2022 02:45 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

मेडिकल परीक्षण के आधार पर पुलिस ने इस मामले से सामूहिक दुष्कर्म धारा हटाकर मुकदमा मारपीट में तरमीम कर दिया है। प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने राजकीय महिला चिकित्सालय में हुए पीड़िता के मेडिकल परीक्षण का हवाला देते हुए दावा किया कि पीड़िता गर्भवती नहीं थी। 
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सांकेतिक फोटो - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बरेली के बिशारतगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला ने गांव के तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म और दुष्कर्म के कारण गर्भपात होने का आरोप लगाया था। मेडिकल परीक्षण के आधार पर पुलिस ने इस मामले से सामूहिक दुष्कर्म की धारा हटाकर मुकदमा मारपीट में तरमीम कर दिया है।

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प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने राजकीय महिला चिकित्सालय में हुए पीड़िता के मेडिकल परीक्षण का हवाला देते हुए दावा किया कि पीड़िता गर्भवती नहीं थी। न ही उसका गर्भपात हुआ है। विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर क्राइम अर्जुन सिंह यादव की विवेचना का हवाला देते हुए प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि जब गर्भपात ही नहीं हुआ है तो सामूहिक दुष्कर्म भी नहीं हुआ है। मामला केवल मारपीट का है। अब सामूहिक दुष्कर्म की धारा में दर्ज मुकदमे को मारपीट की धारा में तरमीम किया गया है।
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बता दें कि बीती 13 सितंबर की दोपहर खेत पर काम कर रही एक महिला ने गांव के तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। बाद में पीड़िता की सास ने उसे गंभीर हालत में राजकीय महिला अस्पताल बरेली में भर्ती कराया था। 16 सितंबर को पीड़िता के पति ने बरेली के महिला थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया कि सामूहिक दुष्कर्म के कारण महिला का तीन माह का गर्भपात हो गया। 20 सितंबर को थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की थी।
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