किशोर से चोरी कराते थे मोबाइल, फिर करते थे ठगी
एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि झारखंड निवासी अश्वनी, गोविंद और बादल झारखंड के एक ही गांव के निवासी हैं। राहुल से संपर्क होने के बाद वह बरेली में मोबाइल फोन चोरी करने लगे। मोबाइल चोरी करने के लिए झारखंड के तीनों शातिर अपने गांव के एक नाबालिग लड़के को साथ ले आए। यह किशोर ही इनके गिरोह के लिए खाने-पीने की चीजें दुकान से लाता था। इनके लिए चाय भी बनाता था।
किशोर के पिता की मौत हो चुकी है। इसका फायदा उठाकर वह किशोर को साथ ले आए। किशोर से मोबाइल फोन चोरी कराने लगे। किशोर ने इस बारे में अपनी मां को बताया था। साइबर ठग किशोर की मां को रुपये भेजते रहते थे। बताया कि किशोर को उसके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
पेशेवर साइबर ठगों को बेचते थे मोबाइल
एसपी क्राइम ने बताया कि चारों आरोपियों के पास से बरामद चोरी के 27 मोबाइल फोन के बारे में जानकारी की गई तो पता चला कि अधिकतर मोबाइल के बारे में शिकायत दर्ज है। राहुल को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों की जानकारी थी। उसके इशारे पर ही ये लोग मोबाइल चुराते थे। इन चोरी के मोबाइल से डाटा निकालकर वह मोबाइल फोन मालिक के खाते से रुपये उड़ा देते थे। इसके बाद इन चोरी के मोबाइल को छत्तीसगढ़, झारखंड, जामताडा़, दुमका और बिहार के साइबर ठगों को बेच देते थे। इसके बदले साइबर ठगों से इन्हें मोटी रकम मिल जाती थी।