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Bareilly News: मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, झारखंड के तीन शातिरों समेत चार गिरफ्तार

Wed, 15 Jul 2026 01:30 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी कर ठगी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर 31 मोबाइल बरामद किए हैं, जिनमें 27 चोरी के हैं। गिरफ्तार लोगों में झारखंड के अश्वनी महतो, गोविंद महतो, बादल महतो और भुता निवासी राहुल मिश्रा शामिल हैं।
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साइबर ठगी के आरोपी - फोटो : पुलिस विभाग
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विस्तार
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बरेली में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने झारखंड के तीन युवकों के साथ भुता निवासी सरगना को गिरफ्तार किया है। चारों के पास से 31 मोबाइल बरामद किए गए हैं, जिनमें से लगभग 27 चोरी के हैं।

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साइबर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय को सूचना मिली कि सीबीगंज के अटरिया निवासी शिवशंकर का मोबाइल फोन चोरी कर खाते से 521469 रुपये निकाले थे। इस घटना में प्रयोग किए गए मोबाइल नंबर की लोकेशन बरेली जंक्शन के पास आ रही है। यह भी पता चला कि यह गैंग लोगों के मोबाइल फोन चोरी कर उनके खाते से रुपये उड़ा देता है और बाद में मोबाइल साइबर ठगों के हाथ बेच देते हैं। 

यह गैंग मोबाइल चुराने के लिए बच्चों का भी इस्तेमाल करता है। पुलिस ने मनोरंजन सदन के पास से झारखंड के जिला तीन पहाड़ बाबूपुर निवासी अश्वनी महतो, गोविंद महतो व बादल महतो और भुता के साजनपुर निवासी राहुल मिश्रा को पकड़ लिया। चारों से पुलिस को 27 मोबाइल फोन चोरी के मिले जबकि एक-एक मोबाइल चारों शातिरों का खुद का था। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया।

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किशोर से चोरी कराते थे मोबाइल, फिर करते थे ठगी
एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि झारखंड निवासी अश्वनी, गोविंद और बादल झारखंड के एक ही गांव के निवासी हैं। राहुल से संपर्क होने के बाद वह बरेली में मोबाइल फोन चोरी करने लगे। मोबाइल चोरी करने के लिए झारखंड के तीनों शातिर अपने गांव के एक नाबालिग लड़के को साथ ले आए। यह किशोर ही इनके गिरोह के लिए खाने-पीने की चीजें दुकान से लाता था। इनके लिए चाय भी बनाता था। 

किशोर के पिता की मौत हो चुकी है। इसका फायदा उठाकर वह किशोर को साथ ले आए। किशोर से मोबाइल फोन चोरी कराने लगे। किशोर ने इस बारे में अपनी मां को बताया था। साइबर ठग किशोर की मां को रुपये भेजते रहते थे। बताया कि किशोर को उसके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
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पेशेवर साइबर ठगों को बेचते थे मोबाइल
एसपी क्राइम ने बताया कि चारों आरोपियों के पास से बरामद चोरी के 27 मोबाइल फोन के बारे में जानकारी की गई तो पता चला कि अधिकतर मोबाइल के बारे में शिकायत दर्ज है। राहुल को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों की जानकारी थी। उसके इशारे पर ही ये लोग मोबाइल चुराते थे। इन चोरी के मोबाइल से डाटा निकालकर वह मोबाइल फोन मालिक के खाते से रुपये उड़ा देते थे। इसके बाद इन चोरी के मोबाइल को छत्तीसगढ़, झारखंड, जामताडा़, दुमका और बिहार के साइबर ठगों को बेच देते थे। इसके बदले साइबर ठगों से इन्हें मोटी रकम मिल जाती थी।
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