एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा ने बुधवार को इस मामले का खुलासा किया। नवाबगंज के हरप्रसाद की शिकायत पर यह खेल सामने आया। हरप्रसाद की बेटी के इलाज के लिए बनाए गए फर्जी कार्ड की असलियत ऋषिकेश एम्स में सामने आई थी। आरोपियों ने हरप्रसाद से 47 हजार रुपये लिए थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आधार और राशन कार्ड में छेड़छाड़ करते थे। वे फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार करते थे। इन कार्डों से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अस्पतालों में इलाज कराने का दावा किया जाता था। पुलिस ने इस मामले को संगठित अपराध मानते हुए बीएनएस की धारा 111 भी बढ़ाई है।
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गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने बुधवार सुबह भोजीपुरा मेडिकल कॉलेज के पीछे से आबिद, सलमान, अरमान, अफरोज और देशरत्न को गिरफ्तार किया। तलाशी में सात मोबाइल फोन, 13 फर्जी आयुष्मान कार्ड और छह फर्जी आधार कार्ड मिले। राशन कार्ड की 22 फर्जी छायाप्रतियां और 2700 रुपये भी बरामद हुए। आरोपी मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन मंच के जरिये आधार, राशन और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया करते थे। उनके खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है।