बरेली। एटीएम के बाहर खड़े होकर लोगों के डेबिट कार्ड बदलकर रुपये निकालने वाला गैंग शहर में सक्रिय हो गया है। जयपुर निवासी रिटायर्ड अधिकारी समेत दो लोगों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी कर खाता खाली कर दिया गया। एक मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जयपुर निवासी डॉ. अशोक कुमार साहनी ने बताया कि वह इन दिनों अपने बहनोई के घर बरेली आए हैं। बृहस्पतिवार रात स्टेडियम रोड पर वह एक एटीएम कक्ष में रुपये निकालने गए। वहां दो लड़के पहले से मौजूद थे, जो बाहर निकल आए। डॉ. साहनी ने डेबिट कार्ड डाला तो फंस गया। इसी दौरान एक लड़का अंदर आ गया। उसने डॉ. साहनी से कहा कि मशीन पर लिखा हेल्पलाइन नंबर डायल कर लीजिए।
उन्होंने नंबर डायल किया तो उधर से बताया गया कि अभी रात है। आप चले जाएं, सुबह नौ बजे हमारी तकनीकी टीम आकर आपका कार्ड निकाल देगी। वह सुबह आए तो कार्ड भी गायब था। बाद में बैंक जाकर देखा तो छह बार में 60,120 रुपये निकल चुके थे।
युवक के खाते से एक लाख से ज्यादा रकम उड़ाई
किला के बाकरगंज निवासी रियाज अहमद का बेटा रेहान भी ऐसे गिरोह के चंगुल में फंस गया। ठगों ने उसका डेबिट कार्ड बदलकर 1,11,900 रुपये निकाल लिए। रियाज अहमद ने बताया कि बेटा रेहान सिटी स्टेशन माल गोदाम के सामने स्थित एटीएम बूथ में रुपये निकालने गया था। वहां दो युवकों ने बातों में उलझाकर उसका डेबिट कार्ड बदल लिया और रकम निकाल ली। मोबाइल फोन पर आए मेसेज से धोखाधड़ी की जानकारी हुई। रियाज अहमद ने किला थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
गिरोह के सदस्य ऐसे करते हैं ठगी
रात में एटीएम बूथ के पास इस गैंग के सदस्य खड़े हो जाते हैं। वहां आने वाले लोगों को झांसे में लेकर कार्ड बदल लेते हैं। कार्ड लगाने वाले स्थान पर फेविकोल या कुछ और चीज लगाने के मामले भी सामने आए हैं। इससे उपभोक्ता का कार्ड फंस जाता है। इससे पहले ठगों का दूसरा साथी मदद के नाम पर लोगों को स्क्रीन या आसपास लिखा कथित हेल्पलाइन नंबर सुझाता है जो असल में उन्हीं के साथी का होता है। मोबाइल पर सुबह आकर कार्ड ले जाने की बात कही जाती है और फिर उपभोक्ता के जाते ही ठग उसका कार्ड निकाल लेते हैं। इससे पहले मदद के नाम पर ठग इस उपभोक्ता का गुप्त पिन नंबर देख चुका होता है। इस तरह दूसरे या उसी एटीएम बूथ से ठग रुपये निकाल लेते हैं।
ये बरतें सावधानी
रात में सुनसान जगह के एटीएम बूथ से रुपये न निकालें, अनजान शख्स से मदद न लें।
कार्ड फंस जाए तो उसे छोड़कर न आएं, वहां लिखे नए नंबरों पर मदद न मांगें।
किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड की कॉपी या फोटो न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
ठगी होते ही टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।