समय के साथ इस तरह बदला समारोह का स्वरूप
शहर के सिविल लाइंस इलाके में शनिवार को विघ्नहर्ता की 40वीं रथयात्रा निकाली गई। श्री गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष राजू खंडेलवाल ने बताया कि चार दशक पहले जब शहर में इसकी शुरुआत हुई तो आज की तरह ही नई परंपरा बताकर इस पर तमाम पाबंदियां लगाई जाती थीं। शोभायात्रा निकालने के लिए पुलिस अनुमति नहीं देती थी। आज वही पुलिस स्वयं ही गजानन की शोभायात्रा में सहयोग करती है।
श्री नाथ नगरी के राजा समिति के अध्यक्ष विकास महरोत्रा का कहना है कि 20 साल पहले जब प्रभा टॉकीज के नजदीक गणेश उत्सव मनाया जाता था, तब चंद लोगों की ही भागीदारी होती थी। अब इसमें चार-पांच हजार लोग शामिल रहते हैं। समिति में 50 सदस्य, 450 गणेश मित्र हैं। पिछले साल समिति ने 21 प्रतिमाओं का निशुल्क वितरण किया था। इस बार 31 प्रतिमाओं का वितरण किया गया है।
कटरा मानराय में इस बार 21वीं शोभायात्रा निकाली जाएगी। कटरा का राजा गणेश महोत्सव समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 20 साल पहले दो फुट की प्रतिमा रखकर पूजा-अर्चना होती थी। अब सात-आठ फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाती है। शनिवार शाम को भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। सात दिन लगातार विविध आयोजन होंगे।
शाहबाद मोहल्ले में श्री गणेश महोत्सव समिति के अध्यक्ष अरुण वर्मा बताते हैं कि उनके यहां विभूति नाथ मंदिर में पांडाल लगाया गया है। उनकी समिति में 20 सदस्य हैं। सभी सदस्य बिना चंदा लिए इस बार 24वीं शोभायात्रा निकाल रहे हैं। उनके मुताबिक साल दर साल आयोजन का स्वरूप भव्य होता जा रहा है। साथ ही, इसमें श्रद्धालुओं की सहभागिता भी बढ़ रही है।
बच्चों को व्यापार करना सिखाएगी समिति
श्री नाथ नगरी के राजा समिति इस बार गणेश उत्सव के दौरान बच्चों को व्यापार करना भी सिखाएगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले बच्चों को सांकेतिक मुद्राएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वह पांडाल में कुछ न कुछ बनाकर लाएंगे। समिति के सदस्य उन्हें व्यापार करने के संबंध में अलग-अलग जानकारियां देंगे। इससे वह व्यापार करने के बारे में भी सीख सकेंगे।