बरेली। रोडवेज में चालकों-परिचालकों की संविदा समाप्ति और फिर बहाली में खेल चल रहा है। एक प्रकरण में प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद अजीम ने संबंधित पटल लिपिक केसी गुप्ता को चार्जशीट दी है। लिपिक पर क्षेत्रीय कमेटी के समक्ष गलत पत्रावली पेश करने का आरोप है। यह मामला हाल ही में सात परिचालकों की संविदा बहाल किए जाने से जुड़ा है। दो अन्य लिपिक भी लपेटे में आ रहे हैं।
रोडवेज मुख्यालय ने क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी का 30 मई को मेरठ तबादला कर दिया था। तबादले से दो दिन पहले उन्होंने सेवा समाप्त सात संविदा परिचालकों को आर्बिट्रेशन प्रक्रिया के तहत वापस सेवा में ले लिया। बाद में सामने आया कि इनमें कुछ परिचालक ऐसे भी थे, जिनको नियमानुसार वापस नहीं लिया जाना चाहिए।
दीपक चौधरी के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक का प्रभार सेवा प्रबंधक मोहम्मद अजीम को मिला। उन्होंने जांच कराई तो पता लगा कि पलट लिपिक केसी गुप्ता ने गलत पत्रावली पेश की थी। प्रभारी आरएम ने बताया कि बहाल किए गए एक परिचालक की संविदा समाप्त कर दी गई है। पटल लिपिक को चार्जशीट दी गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।