बरेली। जमीन के सौदे का झांसा देकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के शातिर गजेंद्र सिंह को एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने पकड़ जरूर लिया पर अंत तक दोस्ती निभाती रही। आरोपी को जेल ले जाते वक्त मीरगंज थाने के एक सिपाही व होमगार्ड ने सुरक्षा ताक पर रखकर उसकी खूब खातिरदारी की। वे आरोपी को उसके रिश्तेदार की कार से जेल ले गए। इसका वीडियो वायरल हुआ तो देर शाम एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने सिपाही श्योवीर सिंह को निलंबित कर दिया और होमगार्ड की रिपोर्ट जिला कमांडेंट को भेज दी है।
मीरगंज थाने के गांव करनपुर निवासी गजेंद्र सिंह पर धोखाधड़ी की कई रिपोर्ट दर्ज हैं। कभी होटल तो कभी कंपनी के लिए जमीन खरीदने के बहाने ठगी करने वाले नन्हे यादव और महीपाल यादव के गिरोह का गजेंद्र सक्रिय सदस्य है। मीरगंज पुलिस की ढील की वजह से इस गिरोह ने कई किसानों से लाखों की ठगी कर ली थी। आईजी के निर्देश पर अलग-अलग थानों में गिरोह पर अब तक 21 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। अब क्राइम ब्रांच इनकी विवेचना कर रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर काश्तकारों ने फिर आईजी से शिकायत की थी। उनके निर्देश पर एसएसपी ने काश्तकारों से गजेंद्र की लोकेशन पता की। वह अपनी ससुराल नगरिया कलां आया था। यहां से शेरगढ़ पुलिस ने उसे पकड़कर मीरगंज पुलिस के हवाले कर दिया। फिर उसकी गिरफ्तारी दिखाकर उसे शुक्रवार को मीरगंज पुलिस बरेली कोर्ट लेकर आई।
सिपाही श्योवीर सिंह और होमगार्ड सुखलाल गजेंद्र को लेकर शहर आए। इनमें भी एक के पास डंडा था और दूसरा निहत्था था। कचहरी से दोनों गजेंद्र को बाइक पर बैठाकर एक होटल तक लाए। यहां गजेंद्र को गोलगप्पे खिलाए। तभी गजेंद्र का रिश्तेदार कार लेकर पहुंच गया। दोनों उसी कार से आरोपी को जेल तक ले गए। किसी ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।