सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक करते मंत्री स्वामी प्रसाद मोर्य।
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श्रममंत्री ने श्रमिकों के पंजीकरण पर दिया जोर
बरेली। प्रदेश के श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने किसान आंदोलन की आड़ में हुआ उपद्रव राष्ट्रद्रोह है। किसानों को बहकाने में लगे कुछ राजनैतिक दल और नेता ही वबाल करा रहे हैं क्योंकि किसान कभी भी उपद्रवी नहीं हो सकता है।
शुक्रवार सुबह विभागीय बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री मौर्य ने कहा कि किसान आंदोलन में घुसे तत्वों ने लालकिला पर चढ़कर अराजकता कर दिल्ली और निवासियाें को बंधक बनाया गया। उन्होंने बताया कि सरकार सबका साथ सबका विकास अवधारणा पर कार्य कर रही है। सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। किसान हित विभिन्न योजनाओं ने लागू हुई हैं इसके बावजूद उन्हें कृषि विधेयक पर गलत जानकारी कर गुमराह किया जा रहा है। इसमें शामिल कुछ राजनीतिक दल और कथित किसान नेताओं ने आंदोलन में कील ठोंकने का काम किया है। बैठक में उन्होंने विभागीय अफसरों से कहा कि वे श्रमिक और उनके परिवारों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं में ज्यादा से ज्यादा पंजीकरण और कैंप लगाकर संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उप श्रमायुक्त अनुपमा गौतम ने मंडल में आयोजित कैंप और अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। बताया गया कि ग्रामीण श्रमिक राजस्व भू अभिलेख आदि प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं इससे योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। प्रवर्तन अधिकारी महीप सिंह, अजीत कनौजिया, हेमा टम्मा, प्रियंका वर्मा आदि अफसर समीक्षा बैठक में मौजूद रहे।