बरेली। तस्कर नन्हे लंगड़ा से स्मैक नहीं बल्कि हेरोइन बरामद हुई थी। इसका खुलासा विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की जांच में हुआ है। उधर, समय पर जांच रिपोर्ट दाखिल न हो पाने पर कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में नन्हे लंगड़ा को एक नवंबर को बरी कर दिया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अब उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। डीजीसी के माध्यम से अपील करने की भी तैयारी की जा रही है।
फतेहगंज पश्चिमी के मोहल्ला सराय निवासी स्मैक तस्कर रियासत उर्फ नन्हे लंगड़ा को पुलिस ने उसके साथी हसनैन के साथ 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने नन्हे के पास से 260 ग्राम और हसनैन के पास से 90 ग्राम स्मैक बरामद होना दर्शाई थी। पुलिस ने गिरफ्तारी के महज नौ दिन बाद ही बगैर पर्याप्त साक्ष्य जुटाए आनन-फानन चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी। कोर्ट में ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट तलब की गई, लेकिन पुलिस समय से रिपोर्ट दाखिल नहीं कर सकी। इस पर कोर्ट ने ड्रग माफिया नन्हे को एक नवंबर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
ड्रग माफिया नन्हे लंगड़ा के कोर्ट से बरी हो जाने पर पुलिस की खासी फजीहत हुई। एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने मामले का संज्ञान लेकर एफएसएल से जांच रिपोर्ट मंगाई तो नन्हे और उसके साथी हसनैन से बरामद स्मैक के हेरोइन होने की पुष्टि हुई। अब पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में बरी हुए तस्कर नन्हे पर फिर से शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। पुलिस इसके लिए डीजीसी के माध्यम से अपील दाखिल करेगी।
एफएसएल की रिपेेर्ट में तस्कर से बरामद मादक पदार्थ के हेरोइन होने की पुष्टि हुई है। मामले में डीजीसी के माध्यम से अपील दाखिल की जाएगी। - अखिलेश कुमार चौरसिया, एसएसपी