बरेली। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नवरात्र-दशहरा पर भी निर्धारित खाद्य वस्तुओं के सैंपल नहीं भरे। केला और सेब पकाने के चैंबर तक चेक करना उचित नहीं समझा, जबकि इस दौरान फलों की मांग खूब रहती है। नवरात्र व्रत में सिंघाड़ा, कुट्टू आटा, ड्राई फ्रूट, साबूदाना और नमकीन की मांग रहती है। मिलावटखोर व्रत रखने वालों के साथ भी धोखाधड़ी करने से नहीं चूकते हैं। इसलिए दशहरा तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश मुख्यालय ने दिए थे, बावजूद इसके इन दिनों मिलावटखोरों से मिलीभगत रखने वाली टीमें खामोश ही रहीं। कुछ एसडीएम ने जरूर ग्रामीण और उपनगरों में अभियान चलवाए और करीब दो दर्जन सैंपल भरवाए।
नवरात्र और दशहरा पर जिला एफएसडीए की टीम ने कागजी अभियान चलाकर रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी है। बताया जाता है कि जो अभियान एसडीएम ने तहसील में चलवाए थे, उनको भी अपने खाते में जोड़ लिया है। शहर में एक भी दिन अभियान नहीं चलाया गया। मनमानी के चलते ही पिछले दिनों एफएसडीए आयुक्त मिनिस्ती एस. जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा को नोटिस देकर जवाब-तलब किया था, मनमानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने नोटिस का जवाब अब तक नहीं दिया है।
एफएसडीए विभाग अपर आयुक्त अनीता भटनागर जैन ने नवरात्र-दशहरा पर व्रत में प्रयोग किए जाने वाले आइटम सिंघाड़ा, कुट्टु आटा, साबूदाना, फल व उनके पकाने वाले चैंबरों की चेकिंग, ड्राईफ्रूट और व्रत वाली मिठाई-नमकीन आदि चेक कर सैंपल कराने के निर्देश सभी जिलों को दिए थे, पर बरेली की टीम खामोश रही। खुद जिला अभिहित अधिकारी मिश्रा अभियान अवधि 27 सितंबर से पांच अक्टूबर में अवकाश पर चले गए। इसकी जानकारी भी उन्होंने जिला प्रशासन को नहीं दी। बहरहाल, जिला अभिहित अधिकारी ने कागजों पर चले अभियान की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है।