डीआईजी के आदेश पर पीलीभीत के एएसपी सुधीर कुमार सिंह ने दो महीने बाद भेजी रिपोर्ट में गुनहगारों को यह कहकर बचा दिया कि शस्त्र लाइसेंस बरेली से बने हैं, इसलिए वहीं इस पर कार्रवाई हो। डीआईजी की नाराजगी के बाद एसपी ने खुद इस पूरे प्रकरण की जांच करके बुधवार को उन्हें सौंप दी। इसके बाद डीआईजी ने एसएसपी को मुकदमा लिखाने के आदेश दिए हैं। देर रात तक कोतवाली में सभी तेरह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखने की तैयारी की जा रही थी। डीआईजी की इस कार्रवाई के बाद शस्त्र लाइसेंस बनवाने वालों के आवेदनों पर रिपोर्ट लगाने वाले हल्का लेखपालों और दरोगाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विवेचना के दौरान कई दरोगा और लेखपालों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। शस्त्र कार्यालय के स्टाफ से भी इस मामले में पूछताछ हो सकती है। डीआईजी आरकेएस राठौर ने बताया कि फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने का मामला बेहद गंभीर है। इस मामले में कोतवाली में मुकदमा लिखाने के बाद विवेचना कराई जाएगी। इस दौरान जिन लोगों के नाम सामने आएंगे सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सपा नेता ने खोली थी फर्जीवाड़े की पोल
फर्जी लाइसेंस मामले में सपा नेता इकबाल समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया तो उन्होंने 26 नवंबर 2014 को डीआईजी से शिकायत करके पोल खोल दी थी। पीलीभीत के बीसलपुर के मीरपुर वाहनपुर गांव निवासी इरशाद खां का ब्लाक भुता के डंडिया नवाजिश अली गांव के पते पर सिंगल बैरल बंदूक, इसी गांव के आबिद हुसैन का बारादरी के पते पर, सिद्दीक अहमद का दीदार बख्श, फरीदपुर के पते पर रायफल का लाइसेंस बना है। बीसलपुर के ही महादेवा गांव के बुंदा खां ने दो नाली बंदूक, अभयपुर चेना नकटी गांव के रहीसउद्दीन खां ने दो नाली बंदूक, अताउल्ला ने रायफल, मसीयार खां ने दो नाली बंदूक, मुन्ने खां ने बंदूक, मुंशी खां ने बंदूक का लाइसेंस ग्राम परसौना, थाना बिथरी के पते से बनाया है। इसी गांव के सिद्दीक अहमद का भी परसौना गांव के ही फर्जी पते पर लाइसेंस जारी हुआ है। उनका आरोप था कि वर्ष 2000 से 2002 तक यह सभी लाइसेंस बिथरी चैनपुर इलाके के एक दलाल के जरिए बने थे।
सपा नेता के ससुर को उठाया
फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के आरोप में सपा नेता इरशाद खां के ससुर जहूर मोहम्मद को थाना भुता की पुलिस डंडिया नवाजिश अली गांव के उठा लाई है। इरशाद समाजवादी पार्टी में बीसलपुर विधान सभा के महासचिव हैं। पीलीभीत के सपा जिलाध्यक्ष का उन्हें बेहद करीबी माना जाता है। इरशाद के खिलाफ भी सपा में उनके विरोधी कहे जाने वाले नेताओं की शह पर ही मुकदमा लिखा गया था।
लाइसेंस निरस्त करने को पुलिस रिपोर्ट का इंतजार
बरेली। अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक कुमार ने बताया कि इन शस्त्रों के लाइसेंस निलंबित तथा निरस्त करने के लिए पुलिस रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ही रिपोर्ट देगी कि फर्जी पते पर लाइसेंस बनवाए गए हैं। नियमानुसार पहले शस्त्रों के लाइसेंस निलंबित किए जाते हैं, बाद में सुनवाई के उनको निरस्त किया जाता है।