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होली की छुट्टी बिताकर लौट रहे कर्मचारियों से निजी कंपनियां मांग रहीं कोरोना की एनओसी

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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जिला अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे हैं 20-25 लोग

बरेली। निजी कंपनियां होली की छुट्टी बिताकर लौट रहे अपने कर्मचारियों से कोरोना की एनओसी मांग रही हैं। जिला अस्पताल में रोजाना ऐसे 20-25 लोग पहुंच रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग परेशान है। कोरोना न होने का प्रमाणपत्र हासिल करने पहुंच रहे लोगों को समझाया जा रहा है कि ऐसी कोई गाइड लाइन नहीं है। छुट्टी से लौटकर सीधे ज्वाइन करिए। अगर कंपनी आनाकानी करती है तो शिकायत करिए। कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सरकार कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने में जुटी है। लगातार यह कहा जा रहा है कि सावधानी बरतें, डरने की जरूरत नहीं है, वहीं दूसरी ओर गुरुग्राम, दिल्ली, मुंबई, नोएडा की कई बड़ी कंपनियां कोरोना को लेकर अजीब तरह के डर का माहौल पैदा कर रही हैं। होली की छुट्टियां में जो लोग घर गए थे, उन्हें अब कंपनियों से मेसेज दिया जा रहा है कि ड्यूटी पर आएं तो जिला अस्पताल से कोरोना से संक्रमित न होने का प्रमाणपत्र लेकर आएं।
एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि लगातार ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है। उन्हें समझाया जा रहा है कि कंपनियां अगर ज्वाइन कराने में आनाकानी करती हैं तो वहां के डीएम और सीएमओ से शिकायत करें। यदि कोई कंपनी सरकार की गाइड लाइन से बाहर किसी तरह का निर्देश जारी कर रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ओमान से लौटा दंपती जांच कराने पहुंचा

शहर के सिविल लाइंस का एक दंपती 24 फरवरी को ओमान से लौटा था। शुक्रवार को पति-पत्नी दोनों ही कोरोना की जांच कराने जिला अस्पताल पहुंचे। एसीएमओ ने कहा, कोरोना के संक्रमण जैसा कोई लक्षण नहीं है। दोनों स्वस्थ हैं, ऐसे में आपको जांच कराने की जरूरत नहीं है। हालांकि दोनों जांच कराने की जिद पर पर अड़े रहे। बाद में यात्रा रजिस्टर में अपना नाम-पता नोट कर चले गए।

इटली से लौटा परिवार नहीं करा रहा जांच

शहर के डेलापीर के कैलाशपुरम कॉलोनी में एक परिवार चार मार्च को इटली से लौटा है। परिवार के किसी सदस्य ने अभी तक कोरोना की जांच नहीं कराई है। इससे कॉलोनीवासी आशंकित है। उनका कहना है कि कॉलोनी में सभी लोग डरे हुए हैं और चाहते हैं कि परिवार के लोगाें की कोरोना की जांच हो। हालांकि परिवार के किसी भी सदस्य में कोरोना जैसा एक भी लक्षण नहीं है। एसीएमओ का कहना है कि विदेशों से लौट रहे सभी लोग विभाग की निगरानी में हैं। संदिग्धों से संपर्क कर उनका सैंपल लिया जाता है। किसी को डरने की जरूरत नहीं है।

प्राइवेट अस्पतालाें को निर्देश, कोरोना से निपटने को रहें तैयार

बरेली। कोरोना से किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राइवेट अस्पतालाें को निर्देशित कर दिया गया है। उन्हें वेंटिलेटर समेत अन्य सुविधाएं तैयार रखने को कहा है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग वार्ड भी तैयार रखें। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि सभी प्राइवेट अस्पतालाें को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं। इसके अलावा उन्हें पंफलेट छपवाकर मरीजों और तीमारदाराें को भी देने को कहा गया है। ताकि कोरोना को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़े और किसी तरह का डर का माहौल न बने। प्राइवेट अस्पतालों के स्टाफ को कोरोना से निपटने के लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा।

मेडिकल स्टोर संचालक दुकानों के बाहर चस्पा करें निर्देश

बरेली। ड्रग इंस्पेक्टर विवेक कुमार ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकाें को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी दुकानों के बाहर कोरोना वायरस से जुड़े निर्देश चस्पा करें। इसमें कोरोना के लक्षण, उनसे बचाव की जानकारी हो। इसके अलावा यदि कोई अधिक तादाद में मास्क या सेनिटाइजर खरीदे तो उससे कहें कि जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करे। किसी तरह के डर का माहौल बनाने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले भी हो सकते हैं बंद

बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सभी संस्थाओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार खुद तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगी, जिसमेें जनसमूह एकत्र हो। सिनेमा हाल के मालिकों को भी पूरी सतर्कता के साथ शो संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला हर रविवार को सभी सीएचसी-पीएचसी और अर्बन सेंटरों पर आयोजित किए जाते हैं। बरेली में 71 जगहों पर ये मेले आयोजित होते हैं। हर मेले में सौ-डेढ़ लोग पहुंचते हैं। इनमें विधायक, मंत्री, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान भी शामिल होते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार मेले स्थगित करने के निर्देश दे सकती है। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि अभी तक उनके पास ऐसा कोई पत्र नहीं आया हे। हालांकि सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जमा न होने की बात जरूर कही है, लेकिन अभी तक मेले को स्थगित करने के निर्देश नहीं मिले हैं।

आशा, डॉक्टर, प्रधान, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ होगा प्रशिक्षित

बरेली। स्वास्थ्य विभाग ने अब आशा वर्कर्स, डॉक्टरों, प्रधानों, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं। इन सभी को कोरोना के लक्षणों और उनके बचाव के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद आशा वर्कर घर-घर जाकर लोगाें को इसके बारे में जानकारी दे सकेंगी। प्रधान भी लोगों को इस बारे में जागरूक करेंगे, ताकि कोरोना को लेकर किसी तरह का डर का माहौल न बने। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि इस बारे में निर्देश मिल चुके हैं। आशा वर्कर्स को प्रशिक्षित करने का काम शुरू किया जा चुका है।
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