बरेली। नगर निगम की करोड़ों की जमीन पर रामलीला आयोजन के नाम पर अवैध कब्जा करने के मामले में भाजपा नेता घिरते नजर आ रहे हैं। विधायक शहजिल इस्लाम की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी गौरव दयाल को जांच के आदेश दिए हैं। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने पर कार्रवाई कर 15 दिन में आख्या भी मांगी गई है।
हार्टमैन स्कूल के निकट सुर्खा छावनी स्थित नगर निगम की गाटा संख्या 217, 218, 219, 220, 221 और 222 की जमीन रानी लक्ष्मी बाई रामलीला समिति के नाम दर्ज है। शेष जमीन पर बाल कल्याण समिति ने अवैध कब्जा कर स्कूल का निर्माण करा लिया है। समिति भाजपा नेता की है। भोजीपुरा से विधायक शहजिल इस्लाम ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर भाजपा नेताओं से सरकारी जमीन अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की थी। विधायक के मुताबिक, 21 फरवरी 2004 को न्यायालय अपर आयुक्त प्रशासन ने करोड़ों की कीमत वाली इस जमीन पर रानी लक्ष्मी बाई रामलीला समिति का नाम खारिज कर नगर निगम का नाम दर्ज कराने के आदेश दिए थे। इसके विरुद्ध रामलीला समिति ने राजस्व परिषद लखनऊ में वाद दायर किया। राजस्व परिषद ने आठ जनवरी, 2008 को रानी लक्ष्मीबाई रामलीला समिति का मुकदमा खारिज कर नगर निगम के स्वामित्व के पक्ष में निर्णय दिया था। इसके बाद भी भाजपा नेता की बाल कल्याण समिति सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर स्कूल संचालित कर रही है। विधायक ने भाजपा नेता के स्कूल की मान्यता रद्द कर उसे नगर निगम के कब्जे में लेने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने डीएम को इस मामले में जांच के बाद अवैध कब्जा पाए जाने की स्थिति में 15 दिन के अंदर एफआईआर दर्ज कर आख्या भेजने के आदेश दिए हैं। डीएम के स्तर से भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा छुड़ाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें कई भाजपा नेताओं पर कार्रवाई के कयास लगाए जा रहे हैं।