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शराब कारोबारियों पर कहां से आए नकली नोट

Sun, 11 Oct 2015 01:41 AM IST
बरेली
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बरेली। शराब कारोबारियों के पास नकली नोटों के खेप कहां से आ रही है। क्राइम ब्रांच इस बात की छानबीन में लग गई है। इस मामले में शराब कारोबारी घीसू खां समेत कई लोगों के पूछताछ की जाएगी। विवेचक इंस्पेक्टर हरीशंकर सिंह बीस दिन पहले घीसू खां के बयान लेने के लिए पहुंचे को  मिल नहीं पाए थे। फोन पर उन्होंने बताया था कि उनका कोई करीबी बीमार है। विवेचक ने बताया कि उन्हें इस मामले में घीसू खां ही नहीं एक्यूरेट फूड एंड बेबरेजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सभी कर्मचारियों के पूछताछ करनी है। इसके लिए वह फिर से घीसू खां के घर पर जाएंगे। आईसीआईसीआई बैंक सर्किट हाऊस चौराहा के कलस्टर ब्रांच मैनेजर रोहित गर्ग ने एक्यूरेट फूड एंड बेबरेजेज कंपनी के खिलाफ कोतवाली में 19 नवंबर 2014 को मुकदमा लिखाया था। कुल पांच लाइनों की तहरीर थी। जिसमें लिखा था कि कंपनी के उनकी बैंक में जमा कराए गए रुपयों में से 31 हजार 700 रुपये नकली हैं। जाली नोटों के संबंध में मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाए। मामले की विवेचना पहले कोतवाली से होती रही, लेकिन कुछ नहीं हो पाया। 9 अप्रैल 2015 को यह विवेचना क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरीशंकर सिंह को मिल गई। उन्होंने मामले की छानबीन करके  कंपनी और शराब कारोबारियों के रिश्ते को सबसे पहले तलाशा। पता लगा कि इस कंपनी के दो मालिक हैं। इनमें एक आजमगढ़ और दूसरा नोएडा का रहने वाला है। कंपनी पोंटी चड्ढा के लिए काम करती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कंपनी की शराब कारोबियों का पैसा लेकर बैंकों में जमा कराने का जिम्मा है। इसका मतलब साफ है कि नकली नोट भी शराब कारोबारियों में से ही किसी के हैं। विवेचक ने बताया कि कंपनी की ऑफिस मोहल्ला कटरा चांद खां में घीसू खां कोठी में ही है। इसलिए वह बीस दिन पहले इस संबंध में घीसू खां के बयान लेने गए थे। उन्हें कंपनी के और भी सभी लोगों के बयान लेने हैं। कंपनी के मालिकों के भी बयान दर्ज करने हैं। इसके बाद जो भी मुल्जिम बनेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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नकली नोटों को नासिक भेजा
-पुलिस और बैंक अधिकारी जानते हैं कि कंपनी के केश में से नकली नोट मिल हैं, लेकिन सुबूत जुटाने के लिए विवेचक ने नकली नोटों को जांच के लिए नासिक भेज दिया है। वहां की रिपोर्ट के आधार पर ही इस मामले में बाकी लोगों को मुल्जिम बनाया जा सकता है। विवेचक ने बताया कि नकली नोट जिसके हैं, उसे बताना होगा कि उसके पास आए कहां से हैं। एक-दो नोट को कभी-कभार नकली निकल सकते हैं, लेकिन इतनी बड़ी रकम नकली नोटों की होना संदेह पैदा कर रही है।   
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