बरेली। बहेड़ी के ठेकेदार मंगलीराम से 10 लाख की लूट की कहानी के पीछे 80 लाख की सड़क का निर्धारित दरों से कम रेट पर टेंडर लेने का मामला है। ठेकेदार से 10 लाख की लूट हुई या नहीं। ये तो जांच के बाद पुलिस तय करेगी लेकिन ठेकेदार ने 80 लाख की लागत वाली इस सड़क के नवीनीकरण करने का टेंडर 33 प्रतिशत ब्लो रेट पर ले लिया था। सूत्रों के मुताबिक, घाटे की भारपाई एक्स्ट्रा आइटम बनवाकर होनी थी। जेई और एई इसी बात का कमीशन मांगने के लिए ठेकेदार को फोन भी कर रहे थे। कमीशन देने से बचने के लिए ही ठेकेदार ने लूट की झूठी कहानी रची। फिलहाल, इंजीनियर और ठेकेदार अपनी ही बनाई झूठी लूट की कहानी में घिरते नजर आ रहे हैं। 10 लाख की लूट की झूठी कहानी में सड़क का नवीनीकरण और मरम्मत का काम फंस गया है।
बहेड़ी क्षेत्र में बरा से बरौर तक 16 किलोमीटर लंबी सड़क का मरम्मत और नवीनीकरण होना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने 80 लाख का एस्टीमेट बनाया है। इसके टेंडर 33 प्रतिशत ब्लो रेट पर ठेकेदार मंगलीराम को मिले थे। सात किलोमीटर सड़क बनने के बाद इंजीनियरों ने बिना साइड देखे ठेकेदार को 19.27 लाख का पेमेंट कर दिया। इसमें से ठेकेदार बैंक से पांच लाख रुपये निकालने गया था। तभी लूट की झूठी कहानी रच ली गई। बताया जाता है कि ठेकेदार ब्लो रेट की भरपाई कराने के लिए इंजीनियरों से एक्सट्रा आइटम बनाने के लिए कह रहा था। एई और जेई इसी काम के लिए ठेकेदार से अपना कमीशन मांगने के लिए फोन कर रहे थे। पीडब्ल्यूडी में सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण में लागत का एस्टीमेट बनाने के बाद ब्लो टेंडर निकालकर एक्स्ट्रा आइटम बनाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। बरा की सड़क की मरम्मत और नवीनीकरण का काम अक्टूबर तक पूरा होना था। इसी बीच ठेकेदार के साथ लूट होने की कहानी से नौ किलोमीटर सड़क की मरम्मत अधर में लटक गई है। सड़क जर्जर होने से आसपास के 15 गांवों के बाशिंदों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन
‘सड़क का सात किलोमीटर तक नवीनीकरण हो चुका है। ठेकेदार से लूट हो गई है तो काम निश्चित तौर पर प्रभावित होगा। कमीशन की बात तो संबंधित एई और जेई ही जानें। पुलिस की जांच में सब कुछ सामने आ जाएगा। पुलिस मुझसे भी इस मामले में पूछताछ कर चुकी है।’ - संजीव भारद्वाज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड