बरेली। कैंट क्षेत्र में हवलदार कमल जोशी की हत्या उसके साथी गारद कमांडर रत्ना राजेश ने पुरानी खुन्नस में की थी। संतरी की ओर से राजेश खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर कैंट पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
शुक्रवार रात शाहजहांपुर हाईवे से सटे गरुड़ डिविजन में असम के जिला दिमहिसार के हाफलोंग निवासी हवलदार कमल जोशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह सेना की 6 ईएमई बटालियन में तैनात थे। रात में ही पुलिस ने हवलदार व गारद कमांडर के रूप में तैनात रत्ना राजेश को गिरफ्तार कर संतरी ब्रजलाल की उस राइफल को जब्त कर लिया था, जिससे गोली मारी गई थी।
पुलिस के मुताबिक आंध्र प्रदेश के जिला बापटला के गांव पशुमूर्तिवारीपालम निवासी राजेश ने हत्या का आरोप कबूल कर लिया। उसने बताया कि दोनों एक ही बटालियन में तैनात होने के कारण कई साल एक-दूसरे के साथ रहे। फिलहाल, दोनों देहरादून में तैनात थे। कहा कि कमल व्यक्तिगत टिप्पणी करके उसका मजाक उड़ाता था। इस वजह से वह उसने उसे गोली मार दी।
आत्महत्या का रूप देने की थी तैयारी, कैमरे ने कर दी चुगली
रत्ना राजेश ने घटनाक्रम को आत्महत्या का रूप देने की तैयारी कर ली थी। कमल को गोली मारने के बाद उसने बाकी संतरी को धमकाया कि वह यही कहें कि कमल ने खुद को गोली मारी है। राजेश ने खुद अपने अधिकारियों को सूचना दी कि कमल ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। यूपी 112 पुलिस टीम पहुंची तो राजेश ने उनको भी आत्महत्या का सीन समझा दिया। एसएसपी व एसपी सिटी मौके पर पहुंचे तो मामला संदिग्ध लगा। घटनास्थल के ठीक ऊपर लगा सीसीटीवी कैमरा चेक किया तो राजेश की करतूत सामने आ गई।
पैनल से हुआ पोस्टमॉर्टम, शव ले गए गुवाहाटी
सेना के कैप्टन रोशन सिंह ने कैंट थाने जाकर इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह से मामले की जानकारी ली और सेना के अफसरों को अपडेट कराया। पुलिस के अनुरोध पर दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसमें गर्दन में लगी गोली सिर में ऊपर से निकलने की पुष्टि हुई। पता लगा कि कमल की पत्नी और बेटी देहरादून में रहती हैं। वहां से वह बरेली आई और सेना के अधिकारियों ने शव गुवाहाटी के पास कमल के घर भिजवा दिया।
वर्जन
आरोपी सैन्यकर्मी के खिलाफ साथी की हत्या करने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। संतरी की ओर से उसके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी