महंगी है हेपेटाइटिस की जांच
जिला अस्पताल में मरीज के वायरस लोड की जांच के लिए हर महीने के दूसरे और चौथे मंगलवार को सैंपल लिए जाते हैं। सैंपल को लखनऊ स्थित लैब भेजकर जांच कराई जाती है, जिसकी रिपोर्ट 15-20 दिन में प्राप्त हो जाती है। निजी पैथोलॉजी में हेपेटाइटिस-बी की जांच करीब 4,500 और हेपेटाइटिस-सी की जांच सात हजार रुपये में होती है। हालांकि, इसकी रिपोर्ट हफ्तेभर में मिल जाती है।
ऐसे फैलता है हेपेटाइटिस
हेपेटाइटिस लिवर को प्रभावित करता है। हेपेटाइटिस-बी और सी पीड़ित व्यक्ति के दूषित रक्त के माध्यम से फैलता है। नशीली दवाओं के लिए इंजेक्शन और सुई के आदान-प्रदान से वायरस फैल सकता है। इसके अलावा अनस्टरलाइज्ड सुई से टैटू बनवाने, कान छिदवाने से, असुरक्षित यौन संबंध से, शेविंग रेजर, नेल कटर को साझा करने से वायरस चपेट में ले सकता है। इससे पीड़ित मां का बच्चा भी वायरस की गिरफ्त में आ सकता है। बचाव के लिए हर बार नई सिरिंज का इस्तेमाल करें।