किरायेनामे के पते पर पहुंची टीम तो हुआ खुलासा
बरेली रेंज ए के उपायुक्त टीम के साथ जब फर्म के पते पर जांच करने पहुंचे तो वहां एक मकान मिला। मकान पर फर्म का कोई बोर्ड नहीं था। मौके पर मिले वेदपाल ने बताया कि ठाकुर इंटरप्राइजेज नाम से कोई फर्म संचालित नहीं होती है। वेदपाल की पत्नी नीलम की तरफ से बनाए गए किरायेनामे को दिखाया तो बताया गया कि नीलम की मृत्यु 2021 में हो चुकी है जबकि किरायेनामा 2024 में बनाया गया था।
आसपास अभिषेक का फोटो दिखाया गया लेकिन किसी ने उसकी पहचान नहीं की। इस तरह स्पष्ट हो गया कि फर्म खोलने के लिए जिस किरायेनामा का प्रयोग किया गया है वह भी फर्जी है। अभिषेक ठाकुर के खिलाफ बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस आरोपी अभिषेक की तलाश कर रही है।