बरेली। आरबीआई की सख्ती के बाद भी फेक लोन एप के जरिये ठगी का धंधा बंद नहीं हो रहा है। मामूली लोन बांटकर इन एप के जरिये साइबर ठग लोगों की निजी जिंदगी को सार्वजनिक करने की धमकी दे रहे हैं। ऐसी कॉल से परेशान कई शहरवासी नजदीकी थाने व साइबर थाने के चक्कर लगा रहे हैं।
दिवाली से पहले लोगों के पास तुरंत लोन के मेसेज आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी प्रलोभन दिए जा रहे हैं। अक्सर छात्र और जरूरतमंद लोग इनके झांसे में आ जाते हैं। लोन देने के बहाने ऐसे कई एप बाद में लोगों को ब्लैकमेल करने लगते हैं। लोगों का डाटा चोरी कर उनके रिश्तेदारों और संबंधियों को परेशान करते हैं। कोई संबंधी या रिश्तेदार विरोध करता है तो गारंटर के रूप में मोबाइल नंबर दर्ज होने की बात कहकर धमकाते हैं।
निजी डाटा सार्वजनिक करने की धमकी दी जाती है। महिलाओं से कॉल करवाकर झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दिलवाते हैं। फर्जी एफआईआर की कॉपी व्हाट्सएप पर भेजते हैं। नकली पुलिस वालों से वीडियो कॉल करवाकर धमकी दिलवाते हैं। इससे लोन लेने वाले लोग डर जाते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।
ये बरतें सावधानी
- एप से लोन लेने से बचें।
- फिजूल के एप डाउनलोड न करें।
- किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
- रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद रखें।
- सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
- ठगी होते ही टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
- cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
त्योहारी सीजन में ऐसी शिकायतें बढ़ जाती हैं। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। खुद भी ठगी से बचें और दूसरों को भी बचाएं। - नीरज सिंह, इंस्पेक्टर साइबर थाना