हरसहायमल श्यामलाल ज्वैलर्स के प्रोपराइटर संचित प्रकाश ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि एक जनवरी 2021 को उनके यहां आयुषी शर्मा ने सेल्स गर्ल के रूप में काम शुरू किया था। एक अप्रैल 2022 से उझानी निवासी मंशित गर्ग ने अकाउंटेंट की नौकरी की। आयुषी पांच अगस्त 2022 और मंशित 31 मार्च 2024 को नौकरी छोड़कर चले गए। मामला तब पकड़ में आया जब ऑडिट हुआ।
छानबीन करने पर पता चला कि मंशित गर्ग ने 2022 से ही आयुषी शर्मा के खाते में रुपये डालने शुरू कर दिए थे। उसके खाते में 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक डाले गए। मंशित ने 2023 तक 33,46,838 रुपये आयुषी के खाते में ट्रांसफर किए। पता यह भी चला कि नौकरी छोड़ने के बाद दोनों ने शादी कर ली। सराफ का कहना है कि मंशित के पिता विनय गर्ग, भाई देवांशु गर्ग और प्रियांशु भी इस धोखाधड़ी में शामिल रहे। सराफ ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने पांचों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।