बरेली। इलाहाबाद हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी की नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए। कैंट थाने में पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कासगंज के तिलसई कलां निवासी राजपाल ने कैंट थाना प्रभारी संजय धीर को बताया कि वह किसान परिवार से हैं। अशोक गौतम ने राजपाल का परिचय बभिया निवासी हरिओम पाराशरी से कराया। हरिओम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी के पद पर नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। हरिओम ने बताया कि चयन कमेटी के अध्यक्ष रवींद्रनाथ ओझा रिश्तेदार हैं। उन्होंने हमारे बेटों की भी नौकरी लगवाई है।
हरिओम के पुत्र देश दीपक पाराशरी ने विश्वास दिलाने के लिए नियुक्ति पत्र भी दिखाया। राजपाल ने विश्वास कर कई बार में पच्चीस लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद हरिओम ने साढ़े चार लाख रुपये और झटक लिए। हरिओम ने फर्जी दस्तावेज बनाकर दिए। जब राजपाल ने वर्ष 2020 में जानकारी की तो मालूम हुआ कि हाईकोर्ट में कोई भर्ती नहीं हुई थी। इसके बाद हरिओम रुपये लौटाने के झूठे वादे करने लगा।
फिर उसने जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि हरिओम पहले भी नौकरी का झांसा देकर ठगी कर चुका है। उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। अधिकारियों के आदेश पर हरिओम पाराशरी, अशोक गौतम, देश दीपक पाराशरी, रवींद्रनाथ ओझा और राहुल पाराशरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।