उझानी (बदायूं)। जिला सहकारी बैंक बदायूं की उझानी शाखा में तीन महीना पहले सहकारी क्रय-विक्रय समिति लिमिटेड के बचत खाते में हेराफेरी कर सेवानिवृत्त सचिव के खाते में 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए जाने के मामले में जांच अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। जांच अफसर बैंक के उपमहाप्रबंधक ने अभी तक न तो रिकार्ड खंगाला और न ही बयान दर्ज किए। ऐसे में माना जा रहा है कि हेराफेरी का भंडाफोड़ हो जाने के बाद हटा दिए गए बैंक मैनेजर को क्लीनचिट देने की कोशिश हो रही है।
बैंक की स्थानीय शाखा में सहकारी क्रय-विक्रय समिति लिमिटेड के बचत खाते में हेराफेरी का मामला नवंबर महीना में सभापति किशनचंद्र शर्मा ने उजागर किया था। समिति के बचत खाते में सहकारी कोल्ड स्टोरेज की नीलामी की रकम के ब्याज के रुपये में उसी महीना करीब 15 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। बाद में बैंक मैनेजर हजारी लाल ने समिति के सेवानिवृत्त सचिव श्यामसिंह के खाते में यह धनराशि ट्रांसफर कर उन्हें आर्थिक फायदा पहुंचा दिया। इस पूरी प्रक्रिया में बैंक मैनेजर ने न तो सभापति से अनुमति ली और न ही विभागीय नियमों का पालन किया। बाद में सेवानिवृत्त सचिव ने इसमें से दो लाख रुपये निकाल भी लिए थे। सभापति ने मामला बैंक के अध्यक्ष उमेश राठौर के संज्ञान में पहुंचाया तो मैनेजर ने सेवानिवृत्त सचिव से न केवल दो लाख रुपये की रकम वापस जमा कर ली बल्कि कार्रवाई से बचने के लिए सेवानिवृत्त सचिव के खाते से पूरे रुपये समिति के बचत खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। बैंक अध्यक्ष ने प्रथम दृष्टया मैनेजर हजारी लाल को दोषी मानते हुए उनका उसहैत तबादला कर दिया था।
बैंक अध्यक्ष राठौर ने पूरे मामले की जांच उप महाप्रबंधक हरीबाबू भारती को सौंपी थी जो तीन महीने में अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। उपमहाप्रबंधक ने अब तक की जांच में बैंक मैनेजर द्वारा हेराफेरी की बात तो स्वीकार की है, लेकिन वह यह नहीं मानते कि मैनेजर ने गबन की नीयत से कुछ भी गड़बड़ किया हो। जांच अफसर ने आरोपी मैनेजर के बयान भी दर्ज नहीं किए हैं। सभापति के अनुसार उन्हें उपमहाप्रबंधक की भूमिका पर संदेह है। पिछले सप्ताह उन्होंने इसकी शिकायत डीएम कुमार प्रशांत से भी की थी।
बैंक मैनेजर की जांच में उपमहाप्रबंधक ने कोई खास गौर नहीं किया है। वह आरोपी को बचाने के लिए ही कोई खेल करना चाहते हैं। अगर ऐसा हुआ तो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। जांच ऐसे अफसर से कराई जाए तो हकीकत पर गौर कर सके।
- किशनचंद्र शर्मा, सभापति।
जांच सही दिशा में चल रही है। आरोपों से जुड़े हर तथ्य के बारे में जानकारी है। गबन नहीं हुआ है, इसलिए जो आवश्यक होगा, उसी के अनुरूप कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी, लेकिन जांच पूरी होने में कुछ और समय लगेगा।
- हरीबाबू भारती, उपमहाप्रबंधक।