बरेली। कैंट थाना क्षेत्र में एक शिक्षण संस्था में करीब 25 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। घोटालेबाजों ने कई साल पहले मृत व्यक्ति को भी बैठक में मौजूद दिखाकर उसकी सहमति दर्शा दी। इस मामले में कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जवाहर लाल एजूकेशन सोसायटी मोहनपुर के प्रबंधक/सचिव साजिद खां की ओर से विपिन जायसवाल, अनामिका जायसवाल, कामिनी जायसवाल, ऋषिकांत और जवाहर जायसवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि संस्था के लोगों ने फर्जी कागजात से 25 लाख रुपये का लोन ले लिया, लेकिन इस रकम से संस्था के हित में कोई काम नहीं किया गया। बल्कि अपना गुनाह छुपाने के लिए नए सिरे से चुनाव भी करा लिए। एक मार्च, 2015 की बैठक में ओमकार जायसवाल को मौजूद दिखाकर उनकी चुनाव पर सहमति भी दर्शाई गई है, जबकि ओमकार की मृत्यु नौ मई, 2001 को हो चुकी है। इसके प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने हाल ही में पद की जिम्मेदारी संभाली तो यह घोटाला जानकारी में आया।