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रद्द हो चुके हजारों राशन कार्डों ने नाम पर करोड़ों का राशन ठिकाने लगाया

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बरेली। गरीबों को सस्ती कीमत पर मिलने वाले राशन में माफियाराज कायम है। हद यह हो गई कि रद्द हो चुके हजारों कार्डों पर दुकानदारों ने राशन वितरित कर दिया। मामला खुलने पर सरकार ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। एसआईटी जांच दल गुरुवार को बरेली पहुंच रहा है।
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यूपी में राशन माफिया गरीबों का हक छीनने पीछे नहीं हैं। उन्होंने बड़ी तादाद में रद्द हुए हजारों कार्डों पर करोड़ों रुपये का अनाज वितरित कर दिया है। इसकी शिकायत होने पर शासन ने जांच शुरू करा दी है। बरेली समेत 14 जनपदों में विजिलेंस टीमें पहुंचकर घोटाले की जांच करेंगी। माना जा रहा है कि इस घोटाले में मुख्यालय पर जमे विभागीय बड़े अफसर भी शामिल हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लागू होने के बाद चावल तीन और गेहूं दो रुपये प्रति किलो गरीबों को दिया जा रहा है। जबकि इन दोनों अनाजों की खुले बाजार में कीमतें दस गुना से ज्यादा है। कीमत में मार्जिन ज्यादा होने से राशन कालाबाजारी चरम पर रहती है। हालांकि सरकार ने गरीबों तक निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए शहरी और ग्रामीण राशन दुकानों पर पीओएस मशीनें भी लगवा दीं हैं। लेकिन हर माह तीन चार दिन पॉक्सो सिस्टम से राशन वितरण करने को मिलने वाली छूट अवधि में दुकानदार ‘खेल’ करते हैं। चार माह पहले इससे अलग राशन माफियों ने बरेली समेत कई जिलों में कैंसल हुए राशनकार्डों पर अनाज वितरण दर्शा दिया। कैंसल हुए कार्डों पर करोड़ों रुपये का कथित वितरण घोटाला सरकार ने विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) को जांच सौंप दी है। इससे खाद्य आयुक्त कार्यालय में खलबली मची हुई है, क्योंकि लखनऊ स्थित खाद्य आयुक्त कार्यालय पर जमे कुछ अफसर राशन कालाबाजारी में शामिल माफियाओं को सपोर्ट करते रहे हैं। इसलिए गरीबों को मिलने सस्ता खाद्यान उन तक पूरा नहीं पहुंच पा रहा है।
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कल पहुंचेगा जांच दल
राशन घोटाले की जांच करने तीन सदस्यीय एसआईटी टीम गुुुरुवार पहुंच रही है। जांच दल चिह्नित दुकानों से रद कार्डों पर जारी हुए अनाज वितरण संबंधी अभिलेखों की जांच के साथ ही संबंधित कार्डधारक से भी संपर्क करेगा। बरेली जिले में करीब पौने पांच सौ ऐसे राशन कार्ड हैं जो रद हो गए थे लेकिन उन पर अनाज आदि बांटा गया है। रद हुए कार्डों पर कोटेदारों ने जानबूझकर चावल, गेहूं और केरोसिन का फर्जी वितरित कर दिया। चिह्नित दुकानदारों पर एसआईटी जांच की गाज गिर सकती है।

इन जिलों में एसआईटी करेगी जांच
बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मेरठ, बागपत, सहारनपुर, शामली, अलीगढ़, कासगंज, एटा, मुरादाबाद, बिजनौर, संभल और रामपुर जिलों में 12 से 15 दिसंबर तक एसआईटी टीमें खाद्यान्न घोटाले की जांच करेगी।
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