बरेली। होमगार्ड वेतन घोटाले की प्रदेश भर में गहनता से जांच चल रही होने से होमगार्डों का वेतन फंस गया है। जिले के सात सौ अतिरिक्त होमगार्डों को अगस्त से अब तक वेतन नहीं मिला है। इन्हें वेतन पुलिस विभाग से मिलता है। बाकी करीब 14 सौ होमगार्डों का वेतन सितंबर, अक्तूबर से रुका है।
होमगार्ड विभाग में पिछले महीनों में उथलपुथल भरा दौर चला है। पहले 25 हजार होमगार्डों की सेवा समाप्ति का मामला कई दिन सुर्खियों में रहा। सरकार ने ये फैसला वापस भी ले लिया, लेकिन साढ़े सोलह हजार होमगार्डों के बारे में अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके बाद जिलों में वेतन घोटाले खुलने लगे। इन स्थितियों का सीधा असर होमगार्डों के वेतन भुगतान पर पड़ा है। जिले में 700 अतिरिक्त होमगार्ड हैं, इनकी ड्यूटी थानों से लगाई जाती है। वेतन का भुगतान भी पुलिस विभाग करता है। इन सभी का वेतन अगस्त से रुका हुआ है। इसके अलावा करीब 1400 होमगार्डों में से कुछ का वेतन सितंबर तो कुछ का अक्तूबर से रुका है। इनका वेतन होमगार्ड विभाग को ही देना है। यूनियन इसके लिए डिप्टी सीएम से लेकर वरिष्ठ अफसरों तक को ज्ञापन दे चुकी है।
पुलिस विभाग के पास होमगार्डों का वेतन देने के लिए अलग मद है। इसमें बजट उपलब्ध न होने की वजह से भुगतान रुक गया है। उच्चाधिकारी बजट मंगाने के लिए लिखापढ़ी कर रहे हैं। बजट मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा। इसकी कोई और वजह नहीं है। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
होमगार्ड विभाग से कोई देरी नहीं है। सभी के बिल बनाकर पुलिस विभाग को भेज दिए गए हैं। वहां बजट आने पर भुगतान हो जाएगा। यह सही है कि वेतन न मिलने से होमगार्डों को दिक्कत हो रही है, लेकिन उन्हें समझा दिया गया है। - प्रीति शर्मा, जिला कमांडेंट होमगार्ड