बरेली। प्रदेश भर में होमगार्ड वेतन घोटाले के मामले सामने आ रहे हैं। कई अफसरों पर रिपोर्ट और गिरफ्तारी हो चुकी है। थानों के मुंशियों की मिलीभगत से होमगार्डों की फर्जी हाजिरी चढ़ाकर वेतन निकालने का पहला मामला बरेली के कैंट थाने में सामने आया है। फर्जीवाड़े की शिकायत होमगार्ड यूनियन के नेता ने ही एसएसपी से की है। एसएसपी के आदेश पर सीओ सिटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
होमगार्ड यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने एसएसपी शैलेश पांडेय से शिकायत की है कि कैंट थाने का एक मुंशी अक्सर बिना ड्यूटी आए होमगार्डों की हाजिरी जीडी पर दिखाकर उनकी आमद और रवानगी करा लेता है। ऐसे कई मामले में हैं पर एक प्लाटून कमांडर को हाल ही में तीन दिन तक इसी तरह हाजिर दिखाया गया, जबकि ड्यूटी टाइम में प्लाटून कमांडर एक शादी समारोह में मौजूद था। इसका वीडियो साक्ष्य भी है। आरोप लगाया कि मुंशी ने बिना ड्यूटी आए सात से नौ नवंबर तक प्लाटून कमांडर की आमद दिखा दी है, जबकि होमगार्ड विभाग के रिकार्ड में इन दिनों में उसकी गैरहाजिरी लगी है। एसएसपी ने इस मामले की जांच सीओ सिटी अशोक कुमार सौंप दी है। मंगलवार को संबंधित पक्षों के बयान लेने के लिए सीओ सिटी को कैंट थाने जाना था, लेकिन वह किसी कारणवश नहीं जा सके। इस तरह के कई और भी मामले हैं, इनकी भी जांच की जा रही है। माना यही जा रहा है कि मुंशी और होमगार्ड की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा हो रहा है।
कई थानों में मुंशी की सेटिंग से चलता है खेल
होमगार्डों की ड्यूटी लगाने की विभागीय प्रक्रिया भले ही ऑनलाइन हो गई हो पर थानों में ड्यूटी आवंटन की व्यवस्था अब भी पुराने मस्टररोल पर ही आधारित है। थानेदार के खास मुंशी के हाथ में होमगार्ड की आमद और रवानगी होती है, इसमें सेटिंग के बाद खेल किया जाता है। नियमानुसार होमगार्ड के ड्यूटी न आने पर मुंशी को उसकी गैरहाजिरी दिखाकर रिपोर्ट करनी चाहिए, ताकि संबंधित दिनों का उसे वेतन न मिल सके, लेकिन सेटिंग के चलते उसकी जीडी में हाजिरी दिखा दी जाती है। बाद में होमगार्ड के आने पर उसके दस्तखत कराकर रिकॉर्ड दुरुस्त कर लिया जाता है। जिले के कई और थानों में इसी तरह का खेल चल रहा है।
होमगार्ड यूनियन के नेता ने शिकायत की है। जांच सीओ सिटी से कराई जा रही है। आरोप सही साबित हुए तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - शैलेश पांडेय, एसएसपी