फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सौ रुपये होमगार्ड को थमाइए और महिला अस्पताल में आराम से सो जाइए

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। सरकारी सिस्टम के लिए वो ड्यूटी क्या जिसमें नंबर दो का पैसा पैदा न हो। बच्चा चोरी जैसी तमाम घटनाओं के बाद जिला महिला अस्पताल में सुरक्षा ड्यूटी पर लगाए गए होमगार्डों ने भी अपनी इस कमाई का रास्ता डूंढ लिया। इन होमगार्डों ने तीमारदारों को अवैध रूप से अस्पताल में सोने की जगह देने की एवज में सौ-सौ रुपये का रेट बांध दिया है। जांच में इसकी पुष्टि होने और चेतावनी दिए जाने के बाद भी होमगार्डों के घूसखोरी से बाज न आने पर अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई के लिए होमगार्ड कमांडेंट और एसएसपी को लिख दिया है।
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल में नवजात बच्चों की चोरी की तमाम घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ ही दिन पहले एक मानसिक मंदित महिला के नवजात शिशु को खरीदने के लिए कुछ लोग कई दिन तक अस्पताल के चक्कर लगाते रहे थे। इसी के बाद महिला अस्पताल में नए सिरे से सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। महिलाओं के पुरुष तीमारदारों और रिश्तेदारों के अस्पताल में रुकने पर रोक लगा दी गई थी और सुरक्षा के लिए कई निजी गार्डों के साथ होमगार्ड भी तैनात कर दिए गए थे। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक दो महीने पहले तैनात हुए होमगार्ड ने कुछ दिन तक तो ठीक से ड्यूटी की लेकिन फिर पैसा कमाने के लिए अस्पताल की सुरक्षा को खुद ही खतरे में डालना शुरू कर दिया।
महिला अस्पताल प्रशासन के मुताबिक शाम को ड्यूटी पर तैनात रहने वाले होमगार्ड अस्पताल आते ही ऐसे लोग तलाश करने शुरू कर देते हैं जो अस्पताल में भर्ती महिलाओं की तीमारदारी के लिए आए होते हैं, उनसे सौ-सौ रुपये में सौदा कर देर रात को उन्हें चुपचाप अस्पताल के अंदर दाखिल करा देते हैं। पिछले सप्ताह अस्पताल के निजी सिक्योरिटी गार्ड ने ऐसे कई तीमारदारों को रात में ही बाहर निकाला तो झगड़ा हो गया। तीमारदारों ने होमगार्डों पर पैसा लेकर सुलाने का आरोप लगाया तो मामला खुला। अस्पताल की सहायक मेट्रन रामेला मैसी ने बुधवार को सीएमएस को पत्र लिखकर अवगत कराया। जांच में मामले की पुष्टि होने के बाद सीएमएस ने एसएसपी और जिला होमगार्ड कमांडेंट को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें