बरेली। ग्रीन बेल्ट प्रभावित होने की वजह से बड़ा बाईपास से सटकर बनाई जा रही जिस कॉलोनी का नक्शा पहले बीडीए उपाध्यक्ष और फिर कमिश्नर ने भी रिजेक्ट कर दिया, वह दूसरी अपील में शासन से स्वीकृत हो गया। इससे बीडीए का चार करोड़ की कंपाउंडिंग राशि वसूल करने का इरादा भी धराशायी हो गया। हैरान बीडीए अफसर अब शासन को इस बारे में लिखने की तैयारी कर रहे हैं।
यह बिल्डर बड़ा बाईपास इलाके में कॉलोनी बना रहा है। बताया जा रहा है कि इस कॉलोनी में कुछ प्लॉटिंग ग्रीन बेल्ट में की गई है, साथ ही उसका प्रस्तावित रास्ता भी ग्रीन बेल्ट से होकर गुजर रहा है। जब कॉलोनी का नक्शा बीडीए में आया तो उपाध्यक्ष ने उसे रिजेक्ट कर दिया। बिल्डर ने इस पर कमिश्नर के यहां अपील की, लेकिन उन्होंने भी उसे नामंजूर कर दिया। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद बिल्डर ने शासन में अपील की जहां से फैसला उसके पक्ष में आया। सूत्रों के मुताबिक बीडीए ने उसके प्रोजेक्ट पर कंपाउंडिंग के लिए करीब चार करोड़ रुपये की धनराशि तय की थी लेकिन शासन से नक्शा मंजूर होने के कारण वह कंपाउंडिंग से भी बच गया। अब अधिकारी खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि इस मामले में शासन में लिखने की तैयारी की जा रही है।
बीडीए क्षेत्र में कोई भी निर्माण बिना नियम-शर्तों को पूरा किए नहीं किया जा सकता। नियम विरुद्घ निर्माण करने पर बीडीए उसे तुरंत सीज कर सकता है। इसके बाद कंपाउंडिंग कराई जाती है जिसे देना अनिवार्य है। - अंबरीश श्रीवास्तव, सचिव, बीडीए