बरेली। शासन के निर्देश पर गोवंश आश्रय स्थलों के संचालन और उस पर हो रहे खर्चों की जांच होगी। इस संबंध में निधि लेखा परीक्षा विभाग ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए पांच क्षेत्र पंचायतों में संचालित गोवंश आश्रय स्थलों की सूची भी भेजी गई है।
जिन गोवंश आश्रय स्थलों की सूचना भेजी जानी है, उनमें क्षेत्र पंचायत क्यारा में क्यारा, सैदूपुर, चौबारी, जितौर और उमरिया, बिथरी चैनपुर के म्यूड़ी खुर्द, कलापुर, दीदार पट्टी, मनेहरा, नगीपुर, मुड़िया अहमदनगर, भुता में अठायन, हरेली अलीपुर, खाता, खरदाह, बिधौली, पउनगला, फतेहगंज पश्चिमी में रफियाबाद और भोजीपुरा क्षेत्र पंचायत के गोपालपुर, फरीदापुर रामचरन, मझौआ गंगापुर, अटापट्टी जनूनी में संचालित हो रहे गोवंश आश्रय स्थल शामिल हैं। इसके लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को इन सभी जगहों के रिकार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कान्हा उपवन मामले की जांच की कोई जरूरत नहीं: डीएम
कान्हा उपवन में कई गोवंशीय पशुओं की मौत के मामले में डीएम नितीश कुमार ने अपने स्तर से किसी भी तरह की जांच कराने से इंकार किया है। उनका कहना है कि यह मामला नगर निगम का है और इसकी जांच नगर निगम के अधिकारी कर भी चुके हैं, इसलिए इसमें अब नए सिरे से जांच कराने जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस मामले में कमिश्नर ने भी जांच कराने से इंकार किया है।