बरेली। स्वच्छ भारत मिशन में अफसरों ने जो गांव ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त घोषित किए थे, वहां जांच में बड़ा घपला सामने आया है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद की तरफ से अफसरों की टीम से कराई गई कई गांवों की सैंपल जांच में यह सामने आया है कि तमाम गांवों में शौचालय के निर्माण अधूरे हैं। टंकी और रंगाई-पुताई भी नहीं हुई है। कई जगहों पर गड्ढा बनाकर छोड़ दिया गया है। कमिश्नर ने यह जांच रिपोर्ट मंडल से सभी डीएम को भेजते हुए इसकी रिपोर्ट देने और शौचालयों को बनाने की खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
शौचालयों के निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 12000 रुपये की सरकारी मदद दी गई। बरेली सहित कई जिलों में कई करोड़ रुपये लाभार्थियों को शौचालय बनाने को जारी हुए थे। इसके बाद अफसरों ने सर्वे करके बड़ी संख्या में गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिया था। हकीकत जानने के लिए कमिश्नर ने करीब चार माह पहले अधिकारियों की टीमें बनाकर जब गांवों की जांच कराई तो उसमें बड़े पैमाने पर खामियां मिलीं। सबसे खास यह कि जिन गांवों को ओडीएफ बताया गया था वहां शौचालय अधूरे पड़े थे।
कहीं टंकी नहीं लगी मिली तो कुछ तो बने ही नहीं थे
अधीक्षण अभियंता नलकूप अनिल कुमार की जांच में ओडीएफ घोषित बहेड़ी ब्लॉक में पाया गया कि यहां पांच शौचालय निर्माणाधीन हैं और चार का निर्माण ही शुरू नहीं हुआ है। ज्यादातर शौचालय में सिर्फ एक गड्ढा बना था। इसके अलावा टंकी व रंगाई-पुताई भी नहीं की गई थी। उन्होंने गुलड़िया भवानी, ईश्वरपुर, दियाबोझ, बगियाय, मटखेड़ा, पटेरी और दौलतपुर गांव में जांच की थी। इसमें भी यही खामियां सामने आईं। उप आबकारी आयुक्त राजशेखर ने भोजीपुरा के गांव अटा कायस्थान में जांच में गड़बड़ी पकड़ी कि कुछ ही शौचालयों में टंकी लगी हैं। रंगाई-पुताई और यूनीकोड का काम भी नहीं हुआ है। छह शौचालयों के निर्माण भी अधूरे मिले। उन्हें इसी ब्लॉक के गांव अभयपुर केशोपुर, अटा पट्टी शुमाली, मोहम्मदपुर जाटान, बंजरिया जागीर सहित कई गांवों में भी शौचालय अधूरे और गुणवत्ताहीन मिले।
यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन के पीडी डीके दीक्षित को बहेड़ी के अलीगंज में जांच में 52 शौचालयों में टंकी लगी नहीं मिलीं। एक शौचालय का निर्माण भी शुरू नहीं हुआ था। डीडी उद्यान आनंद स्वरूप को रामनगर के भूरीपुर में 26 शौचालय अधूरे मिले। सात शौचालय का निर्माण भी पूरा नहीं मिला। इसी तरह तमाम अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में भी यह गड़बड़ी मिली है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनवाए गए शौचालयों की मैंने जांच कराई है। इसमें तमाम गड़बड़ी और खामियां मिली हैं। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजते हुए कमियों को दूर करने और इसकी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर