बरेली। योगी सरकार भूमाफिया पर लगाम कसने के लिए एंटी भूमाफिया स्क्वाड और पोर्टल बनाने समेत उन पर कार्रवाई के तमाम दावे कर रही है। मगर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे फिर भी नहीं रुक पा रहे हैं। अब राजस्व ग्राम शेरपुर में नगर निगम की जमीन पर कब्जे का एक नया मामला सामने आया है। इसमें एक विधायक के प्रतिनिधि का हाथ बताया जा रहा है, लेकिन शिकायत के बावजूद निगम अफसर चुप्पी साधे हैं।
सौफुटा रोड पर राजस्व ग्राम शेरपुर और उसके आसपास नगर निगम की बेशकीमती जमीनें हैं। मगर अनदेखी के चलते भूमाफिया इन पर कब्जा करने में लगे हैं। ग्राम शेरपुर में खसरा नंबर 72 पर नगर निगम का खलिहान दर्ज है, मगर मौके पर तालाब है। इसका रकबा करीब पौने तीन बीघा है। इस पर कुछ भाजपा नेताओं की नजर है। खुद को एक विधायक का प्रतिनिधि बताने वाला व्यक्ति यहां धीरे-धीरे तालाब का पटान करके जमीन की प्लाटिंग करने में लगा है। पास ही गाटा संख्या 73 का रकबा करीब दो बीघा है। इस पर पुराना मंदिर स्थित है। मंदिर की वजह से यह जमीन खाली छोड़ी गई थी, लेकिन भूमाफिया इसे भी कब्जाने में लगे हैं और इसके पीछे भी विधायक प्रतिनिधि का ही हाथ बताया जा रहा है।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
इस कब्जे को लेकर पार्षद अनुपम चमन ने करीब चार महीने पहले नगर निगम में शिकायत की थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। फिर उन्होंने मामले को बोर्ड की बैठक में उठाया, लेकिन फिर भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब उन्होंने मेयर और नगर आयुक्त को दोबारा पत्र लिखकर इस जमीन से कब्जा हटवाने की मांग की है।
अवैध कब्जे का मामला संज्ञान में नहीं आया है। पार्षद की शिकायत का संज्ञान लेते हुए राजस्व टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और जमीन से अवैध कब्जा हटवाया जाएगा। - ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त