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चुनावी खर्च में गोलमाल के बिल दबाए क्यों बैठे हो बाबूजी..

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बरेली। लोकसभा चुनाव की पत्रावलियां और खर्चों के बिलों पर निर्वाचन विभाग के दो बाबुओं में खींचतान मची है। इन बिलों में गोलमाल की भी चर्चा है। कुछ दिन पहले एक कनिष्ठ लिपिक ने अधिकारियों से शिकायत की थी कि चार्ज हट जाने के बावजूद वरिष्ठ लिपिक फाइलें उनके सुपुर्द नहीं कर रहे। इस पर एडीएम प्रशासन ने वरिष्ठ लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि वरिष्ठ लिपिक का कहना है कि कनिष्ठ लिपिक ने हस्ताक्षर किए बगैर ही 200 फाइलें रिसीव करा ली है और विभागीय चार्ज लेने के बजाय वह उनकी झूठी शिकायतें कर रहे हैं।
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जिला निर्वाचन कार्यालय में कनिष्ठ सहायक हर्षित गौरव ने कुछ दिन पहले एडीएम प्रशासन वीके सिंह से शिकायत की थी कि वरिष्ठ सहायक देवेंद्र शर्मा के पास से चार्ज हट जाने के बावजूद वह चुनाव संबंधी अभिलेख नहीं सौंप रहे। इस पर एडीएम ने वरिष्ठ सहायक को 12 सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। देवेंद्र शर्मा ने कनिष्ठ सहायक पर पलटवार करते हुए जवाब भेजा है कि उन्होंने हर्षित गौरव से चार्ज लेने को कहा था लेकिन वह खुद ही आनाकानी करते रहे। अफसरों को कई बार मौखिक शिकायत के बाद हर्षित गौरव ने उनसे बिना लिखापढ़ी 200 फाइलें ले लीं। देवेंद्र सिंह का कहना है कि कनिष्ठ सहायक मनमुटाव की वजह से शिकायत कर रहे हैं, जबकि भुगतान से संबंधित सभी पत्रावलियों की फाइल अलग से बनाई गई है। इसे हर्षित गौरव को कई बार लेने को कहा जा चुका है, लेकिन वह इसे प्राप्त नहीं कर रहे। इससे विभागीय कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
इस मामले में वरिष्ठ लिपिक का स्पष्टीकरण आ गया है। उनके जवाब की जांच होगी। इसके अलावा कुछ और भी शिकायतें संज्ञान में आई हैं। उनका भी परीक्षण कराया जा रहा है।
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-वीके सिंह, एडीएम प्रशासन
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