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साहब 50 लाख का सवाल है, योगी जी की शान में फूल-पौधे सजाकर ‘तबाह’ हुआ बाबूराम

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बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर पिछले साल नगर निगम ने रातोंरात शहर चमकाया था। पौधरोपण भी कराया गया था। उससे पहले सरकार के निर्देश पर शहर भर में हजारों पौधे लगवाए गए थे। तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के निर्देश पर यह पौधरोपण फ्लोरा नर्सरी वाले बाबूराम मौर्य ने कराया था, लेकिन अब वह इस राशि के भुगतान को भटक रहे हैं। राजेश श्रीवास्तव का ट्रांसफर होने के बाद नगर निगम के अफसरों ने उनका भुगतान फंसा दिया है, जिसके चलते वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
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पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के दौरान नगर निगम ने पूरे शहर के डिवाइडर, गांधी उद्यान, कान्हा उपवन एवं पशु आश्रय गृह, नगर निगम के पार्क समेत तमाम स्थानों पर पौधरोपण कराया था। इनमें से तमाम पौधे इज्जतनगर की फ्लोरा नर्सरी से लगवाए गए थे। नर्सरी के मालिक बाबूराम मौर्य ने बताया कि इसके बाद जनवरी 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की चर्चा चली तो नगर निगम के अधिकारियों से उनसे कहकर रातोंरात पौधे लगवाए थे। हालांकि मुख्यमंत्री नहीं आए थे। इस सब पौधरोपण का नगर निगम को बाबूराम को 50 लाख रुपये का भुगतान करना था। मगर उस दौरान बजट न होने की बात कहकर तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने बाद में भुगतान कराने की बात कही थी। इसके बाद उनका ट्रांसफर हो गया और नगर निगम ने उनका भुगतान लटका दिया। तब से बाबूराम इस भुगतान के लिए अफसरों के चक्कर काट रहे हैं और उन्हें बजट न होने का बहाना बनाकर टरकाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री से लेकर निगम तक शिकायत, फिर भी निपटारा नहीं
बाबूराम मौर्य अपने भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल, कमिश्नर, डीएम और नगर आयुक्त तक को शिकायत कर चुके हैं। हर जगह से उनकी शिकायत पर नगर निगम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन उनका भुगतान अब तक नहीं हुआ। मार्च 2019 में भी नगर निगम ने उनकी शिकायत पर कह दिया कि भुगतान की कार्रवाई की जा रही है, धन उपलब्ध होने पर भुगतान करा दिया जाएगा। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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पत्नी की मौत के बावजूद की थी मदद
बकौल बाबूराम, जनवरी 2019 में जब मुख्यमंत्री के आने की बात चली थी तो उससे पांच दिन पहले ही उनकी पत्नी की मौत हुई थी। बावजूद इसके नगर निगम के अफसरों के अनुरोध पर उन्होंने रात में ही चौपुला-चौकी चौराहे की ओर जाने वाली सड़क के डिवाइडर पर पौधे लगवाए थे।
कमीशनखोरी का आरोप
अपना भुगतान लटकाने के पीछे बाबूराम ने कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कमीशन न मिलने के चलते ही अधिकारी उनका भुगतान लटका रहे हैं। इसके चलते वह आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और बच्चों की फीस तक जमा नहीं कर पा रहे हैं। अगर उनके साथ कोई अनहोनी या उनका कोई नुकसान हुआ तो उसके जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी होंगे।
जिस समय पौधरोपण की बात कही जा रही है, पूर्व नगर आयुक्त उसके छह महीने बाद तक तैनात रहे थे, लेकिन भुगतान नहीं लिया गया। अब उनका ट्रांसफर हो गया है तो भुगतान मांगा जा रहा है। इसको लेकर संबंधित अधिकारी से बात की जाएगी।
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- ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त
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