बरेली। स्वच्छ भारत मिशन की लाखों की रकम लाभार्थियों को न देकर खुद ही डकारने का मामला डीपीआरओ की जांच में सही मिला है। इसका खुलासा होने के बाद डीपीआरओ ने आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत मझारा के प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश बीडीओ को दे दिए हैं। डीपीआरओ ने बताया कि सेक्रेटरी के खिलाफ निलंबन और प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के लिए नोटिस देने की कार्रवाई की जा रही है।
शौचालय बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीणों को 12 हजार रुपये की सरकारी मदद दी जाती है। शुक्रवार को ग्राम पंचायत मझारा के तमाम लाभार्थियों ने डीएम से शिकायत की थी कि शौचालय बनाने के लिए उनके खातों में छह हजार रुपये की पहली किश्त तो आई थी, लेकिन साल भर गुजरने के बावजूद दूसरी किश्त अब तक नहीं मिली है, जिसके चलते बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शौचालय अधूरे पड़े हैं।
शनिवार को डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने खुद गांव पहुंचकर इस प्रकरण की जांच की तो सामने आया कि गांव के 193 लाभार्थियों को दूसरी किस्त का पैसा दिया ही नहीं गया था। प्रधान और सेक्रेटरी दोनों ने मिलकर करीब पांच लाख रुपये की धनराशि का घपला कर लिया है। इस पर डीपीआरओ ने बीडीओ को प्रधान ओम प्रकाश और सेक्रेटरी अमित प्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी जल्द होगी।