बरेली। मंडी परिषद के अफसरों ने कृषक उपहार योजना के लकी ड्रा के लिए जब बतौर मुख्य अतिथि कमिश्नर रणवीर प्रसाद को बुलाया तो शायद उन्हें अंदाजा नहीं रहा होगा कि यह उन्हीं के लिए ‘अनलकी’ साबित होगा। ड्रा करने से पहले जब मंडी के अफसर कूपनों की कुल संख्या के साथ यह भी नहीं बता पाए कि किस मंडी से कितने कूपन आए हैं तो कमिश्नर के सामने उनकी स्थिति संदिग्ध हो गई। कमिश्नर ने भी ड्रा स्थगित कर दिया और इसे दोबारा पूरी पारदर्शी व्यवस्था के तहत आयोजित करने को कहा।
उपनिदेशक मंडी परिषद (प्रशासन) शिव मंगल सिंह चंदेल ने मंडल स्तर पर कृषक उपहार योजना का ड्रा और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया था और इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर कमिश्नर रणवीर प्रसाद को बुलाया था। शुक्रवार करीब 12 बजे दोपहर में मंडी कार्यालय परिसर में कार्यक्रम शुरू हुआ। इसका संचालन खुद चंदेल ने संभाला। उन्होंने ड्रा निकालने की घोषणा की तभी अचानक कमिश्नर ने पूछ लिया कि ड्रा में शामिल कुल कितने कूपन हैं, मगर मंडी अधिकारी उन्हें सही संख्या नहीं बता पाए। कमिश्नर ने दूसरा सवाल किया कि कितने कूपन किस मंडी से हैं और क्या उनकी सौ-सौ की गड्डी बनाई गई है। इस पर उपनिदेशक बगलें झांकने लगे। कमिश्नर ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी प्रक्रिया पारदर्शी कैसे हो सकती है। उन्होंने ड्रा स्थगित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अगली बार पूरी तैयारी और पारदर्शी व्यवस्था के साथ ड्रा कराया जाए। पिछले ड्रा में चुने गए पुवायां के किसान हरपाल सिंह और ओमकार सिंह और बिल्सी के ओमकार सिंह को ट्रैक्टर की चाबी देकर लौट गए।
मायूस होकर लौटे किसान
बरेली मंडल और दूरदराज से आये तमाम किसान ड्रा स्थगित होने से मायूस हो गए। किसानों को मंडी सचिव लेकर आए थे। जब उन्हें पता चला कि ड्रा नहीं होगा तो वह बहुत परेशान दिखे। उनका कहना था कि पूरा दिन खराब हुआ और मंडी अफसरों की लापरवाही से ड्रा नहीं हो पाया।
एक ही परिवार को पुरस्कार
उपहार योजना में दो किसानों को एक-एक ट्रैक्टर दिया जाता है। पुवायां और बिल्सी मंडी से संबंधित कुछ कृषकों को कई बार पुरस्कार मिल चुके हैं। पांच हजार की उपज पर एक कूपन मंडी द्वारा दिया जाता है। इस तरह जिसके जितने ज्यादा कूपन होते हैं उनका नाम निकल आता है।
25 हजार कूपन थे या नौ हजार
शुक्रवार को आयोजित ड्रा में शामिल कूपनों की तादाद अधिकारी अलग-अलग बता रहे हैं। कमिश्नर के मुताबिक कूपन नौ हजार थे, जबकि उपनिदेशक मंडी 25 हजार बता रहे हैं। बहरहाल अब ड्रा एक अगस्त होगा।
सार्वजनिक रूप से कूपन नहीं गिने गए थे और न ही गड्डियां बनी थीं। इसलिए ड्रा स्थगित करा दिया है। पहली अगस्त को ड्रा करने को कहा गया है। कूपन की सौ-सौ गड्डियां बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर