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ड्राइवर ने नेताजी का तुर्रा दिखाया, इंस्पेक्टर ने बस सीज कर चालान थमाया

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बहेड़ी। कहते हैं दोस्ती हर किसी से फिट नहीं बैठती, दोस्त दुश्मन हो जाए तो और खराब। नेताजी वहीं हैं जिनके नाम से कभी नदियों में अवैध खनन कर रेत लाने वाली ट्रैक्टर-ट्रालियां बगैर रोकटोक 24 घंटे गुजरती रहती थीं मगर वक्त ने खाकी के साथ ऐसा तालमेल बिगाड़ा कि शनिवार को नेताजी के इशारे पर बगैर परमिट चलने वाली डबलडेकर बस को भी पुलिस ने सीज कर दिया। ड्राइवर ने नेताजी का नाम लेकर इंस्पेक्टर को रौले में लेने की कोशिश की तो उन्होंने उसे जमकर हड़काया। चेतावनी भी दी कि दोबारा बस चलाई तो उसे भी अंदर कर दिया जाएगा।
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नेताजी के भरोसे बहेड़ी से दिल्ली जाने वाली प्राइवेट डबल डेकर बस काफी समय से सड़क पर दौड़ रही थी, लेकिन शनिवार दोपहर उसे नगर पालिका गेट पर खड़ा देख इंस्पेक्टर ने चेकिंग शुरू कर दी। उन्होंने बस ड्राइवर से उसका परमिट और अन्य कागजात मांगे तो उन्हें दिखाने के बजाय उसने इंस्पेक्टर को हेकड़ी दिखानी शुरू कर दी। बोला- इंस्पेक्टर साहब कोई और बस देखो जाकर। इस बस को टच मत करना। ये बस नेताजी चलवाते हैं। इंस्पेक्टर ने ड्राइवर की बात अनसुनी कर फिर कागज मांगे तो उसने हापुड़ में रहने वाले बस मालिक को फोन लगा दिया। बस मालिक ने भी इंस्पेक्टर से बात कर नेताजी के नाम पर उन्हें डराने की कोशिश की तो वह बुरी तरह भड़क गए।
गुस्साए इंस्पेक्टर ने बस को सीज कर थाने में खड़ा करा दिया। ड्राइवर को हिदायत दी कि दोबारा सड़क पर बस दिखी तो उसे फिर सीज करने के साथ उसे भी अंदर कर दिया जाएगा। इंस्पेक्टर को गुस्से में देखकर ड्राइवर चुपचाप खिसक लिया। इंस्पेक्टर रामऔतार सिंह ने बताया कि छानबीन में ड्राइवर न तो परमिट दिखा सका और न ही कोई बस के कागजात। बस से कस्बे में जाम भी लगता है। बस को सीज कर दिया गया है।
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